आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए नगर निगम प्रशासन ने सिंहस्थ क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सिंहस्थ क्षेत्र की महत्वपूर्ण और आरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान के तहत सोमवार को नगर निगम ने लालपुल ब्रिज मार्ग पर बिना अनुमति किए गए निर्माण ध्वस्त कर दिए।
सोमवार सुबह लालपुल ब्रिज मार्ग स्थित माधवानंद आश्रम द्वारा सिंहस्थ क्षेत्र की आरक्षित भूमि पर बिना सक्षम स्वीकृति के निर्माण किए जाने की शिकायत मिली थी। विभागीय निरीक्षण के बाद नगर निगम की टीम ने नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद टीम ने दो भारी-भरकम पोकलेन मशीनों और जेसीबी की मदद से पूरे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान भवन अधिकारी राजकुमार राठौर, भवन निरीक्षक राजेंद्र रावत, नगर निगम की रिमूवल गैंग और पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हुई। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद सिंहस्थ क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।
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सिंहस्थ भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं
कार्रवाई को लेकर नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने कहा कि सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी निर्माण अथवा अनधिकृत कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम की टीमें लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं और सिंहस्थ की व्यवस्थाओं में बाधा बनने वाले अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
निगम आयुक्त ने कहा कि सिंहस्थ 2028 की दृष्टि से यह भूमि बेहद महत्वपूर्ण है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, सुगम यातायात, मार्ग और घाटों का सुव्यवस्थित विकास प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखना इसी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।