अयोध्या के श्रीराम मंदिर की वर्षगांठ मनाई।
अयोध्या श्री राम मंदिर की वर्षगांठ महोत्सव को नागदा में श्याम परिवार द्वारा आयोजित दिव्य श्री राम कथा के दौरान भव्य रूप से मनाया गया। इस दौरान वर्षगांठ महोत्सव और श्री राम जन्मोत्सव की छटा में सनातन का गौरव झलका। पंडाल को केसरिया ध्वजों से सजाया गया और श्रोतागण पीले वस्त्र धारण किए नजर आए। वहीं, मातृशक्ति पीली साड़ियों में सजी-धजी दिखाई दीं। पंडाल में राम भजनों पर श्री राम जय राम जय जय राम कीर्तन के साथ श्रद्धालु झूमते नजर आए। कथा पंडाल में इस दौरान अयोध्या जैसा नज़ारा दिखाई दिया। संपूर्ण कथा पंडाल दीप ज्योति से आलोकित हो उठा।
भगवान राम ने दुष्टों के लिए नहीं, भक्तों के लिए जन्म लिया
अपनी चिर-परिचित जनप्रिय शैली में युवा आदर्श कथा वाचिका महामंडलेश्वर अन्नपूर्णागिरी वर्षा नागर ने रामायण की विभिन्न चौपाइयों का अर्थ समझाते हुए नागदावासियों को जीवनोपयोगी ज्ञान प्रदान किया। महामंडलेश्वर ने बताया कि भगवान राम ने दुष्टों के लिए नहीं, बल्कि अपने भक्तों के लिए जन्म लिया था। उन्होंने माता शबरी, केवट और अनसूया आदि के प्रसंग सुनाए। साथ ही बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने रावण, कुंभकर्ण, खर-दूषण जैसे राक्षसों के अत्याचार का अंत करने के साथ-साथ अपने परम भक्तों को भी मुक्ति प्रदान की।
Ujjain: अयोध्या के श्रीराम मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव की वर्षगांठ की धूम, केसरिया ध्वज और सैकड़ों दीपों से की आरती
Ujjain: अयोध्या के श्रीराम मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव की वर्षगांठ की धूम, केसरिया ध्वज और सैकड़ों दीपों से की आरती
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