जल जीवन मिशन की नल जल योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने जिले भर में अब तक हुए कार्यों की जानकारी ली और मातहतों को निर्देशित किया कि इस योजना का कार्य समय सीमा में पूर्ण कर लिया जाए वरना जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अप्रैल माह के अंत तक जिले में प्रगतिरत 40 नल जल योजनाएं पूर्ण होकर जलसमितियों को हैंडओवर हो जाना चाहिए। एक मई की स्थिति में यदि योजनाएं अधूरी पाई गई तो संबंधित उपयंत्री के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 503 गांव में जलजीवन मिशन के तहत नलजल योजनाएं स्वीकृत की गई है। इनमें से 116 नल जल योजना पूर्ण हो चुकी है।
स्कूल एवं आंगनवाड़ियों को दिया नल कनेक्शन
कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य अपूर्ण है उन ग्रामों में सहायक यंत्री, उपयंत्री व संबंधित जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संयुक्त भ्रमण कर निर्माण कार्य को पूर्ण करवाएं। बैठक में आंगनवाड़ी एवं स्कूल में नल से पेयजल उपलब्ध करवाने के कार्य की समीक्षा की गई। जिले में विगत माह में 84 स्कूल एवं 89 आंगनवाड़ियों में पेयजल हेतु नल कनेक्शन दिए गए है। इसी तरह हैंडपंप मैंटेनेंस के बारे में भी समीक्षा की गई व कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हैंडपंप सुधारने में लगने वाले समय को कम किया जाए।
सरपंच सचिव को करो योजना में शामिल
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के उपयंत्री एवं सहायक यंत्रियों को निर्देशित किया है कि नल जल योजना में शुरुआत से ही सरपंच, सचिव को शामिल करते हुए पूर्ण होने पर उनको विश्वास में लेकर ही योजना को हैंड ओवर किया जाए।