दीक्षांत समारोह में नहीं आ पाएंगे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
इन दिनों पूरे प्रदेश भर में विक्रमोत्सव की धूम मची हुई है। इस आयोजन की शुरुआत वैसे तो 26 फरवरी 2025 से हुई थी, लेकिन आयोजन के तहत प्रतिदिन नए-नए कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं। इससे लोगों को राजा विक्रमादित्य के साथ ही हमारी संस्कृति और परम्पराओं को समझने का अवसर मिल रहा है। विक्रमोत्सव और विक्रम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 30 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होने वाली थीं, जिसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें दिल्ली पहुंचकर आमंत्रित भी किया था लेकिन वे दीक्षांत समारोह और विक्रम महोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने नहीं आ रही हैं। इसे देखते हुए अब दीक्षांत समारोह की तैयारी में बदलाव किया गया है।
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30 मार्च को विक्रम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आने वाली थीं, लेकिन उनके उज्जैन ना आने की स्पष्ट जानकारी मिल चुकी है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति का कार्यक्रम अभी तक नहीं आया है। चूंकि दीक्षांत समारोह 30 मार्च को होने वाला है, ऐसे में स्पष्ट है कि वे इस आयोजन में शामिल होने नहीं आ पाएंगी। अब राज्यपाल और मुख्यमंत्री को देखते हुए प्रोटोकॉल के तहत तैयारी की जा रही है। यहां याद रहे कि राष्ट्रपति 29 सितंबर 2024 को ही विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंची थीं, जहां उन्होंने महाकाल लोक का भ्रमण भी किया था।
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रामघाट पर तैयार हो रहा मंच, पार्श्व गायिका श्रेया घोषाल देगी प्रस्तुति
30 मार्च को होने वाले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति भले ही शामिल न हो रही हों, लेकिन शाम को रामघाट दत्त अखाड़ा क्षेत्र में होने वाले अलंकरण समारोह एवं सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका श्रेया घोषाल जरूर सांगीतिक प्रस्तुति देंगी। बताया जाता है कि इस आयोजन में सम्राट विक्रमादित्य शिखर सम्मान से मध्य प्रदेश की विद्वतजनों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही भव्य आतिशबाजी और ड्रोन शो का आयोजन भी होगा।
रामघाट में श्रेया घोषाल की प्रस्तुति देंगी