धार्मिक नगरी उज्जैन मे अब यदि होटल संचालकों को अपने व्यापार संचालित करना है तो उन्हें होटल और गेस्ट हाउस के बाहर होटल संचालक के नाम और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा। यदि कोई इन नियमों का पालन नहीं करता है तो फिर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने जैसी कड़ी कार्रवाई भी कर सकती है।
कुछ ऐसा ही प्रस्ताव बुधवार को राजस्व समिति की बैठक मे समिति के अध्यक्ष रजत मेहता के द्वारा रखा गया। इसमें बताया गया कि नगर निगम इन दिनों एक ऐसा एक लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत शहर भर मे संचालित होने वाली सभी होटलों व गेस्ट हाउस के नामों के साथ ही इसके संचालक का नाम व मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लिखना जरूरी होगा। यदि कोई होटल या गेस्ट हाउस संचालक इन नियमों का पालन नहीं करता है या फिर गलत नाम या मोबाइल नंबर लिखता है तो उनके खिलाफ FIR दर्ज करने जैसी बड़ी कार्रवाई की जाएगी। वैसे इस प्रस्ताव को अभी मंजूरी तो नहीं मिल पाई है, लेकिन इस पूरे मामले को लेकर नगर सरकार गंभीर जरूर नजर आ रही है।
प्रस्ताव का उद्देश्य सिर्फ होटल व लॉज की सही जानकारी सामने लाना
इस बारे मे एमआईसी के सदस्य व राजस्व समिति के अध्यक्ष रजत मेहता ने बताया कि इस प्रस्ताव को लाने का मुख्य उद्देश्य सिर्फ यही है कि होटल लॉज की सही जानकारी यहां ठहरने वाले सभी यात्रियों को रहे।
होटल के गलत नाम लिखने पर मच चुका है बवाल
याद रहे कि महाकाल मंदिर के बाहर एक वर्ग विशेष के लोगों द्वारा हिंदू देवी देवताओं के नाम पर होटल संचालित करने को लेकर पूर्व मे बवाल मच चुका है। इसको लेकर हिंदूवादी संगठनों ने यह चेतावनी दी थी। होटल के बाहर मालिक के नाम और मोबाइल नंबर लिखे जाएं। इसके बाद आज इस प्रकार का प्रस्ताव आया है।