मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में इन दिनों एक छात्र द्वारा आत्महत्या करने का मामला काफी सुर्खियों में बना हुआ है। छात्र के आत्महत्या करने के पीछे क्या कारण है, पुलिस इसकी जांच करने में जुटी हुई है। लेकिन पुलिस जांच के पूरा के पहले इस मामले को लेकर सोशल मीडिया की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
दरअसल, पूरा मामला सुर्खियों में इसलिए है, क्योंकि दसवीं का
छात्र प्रियांशु यादव इंस्टाग्राम पर लड़कियों की तरह रील बनाता था, जिसे हजारों लोग फॉलो करते थे। छात्र की रील को वैसे तो काफी लोग पसंद करते थे। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे जो कि उसके लड़की बनकर रील बनाने पर आपत्ति जताते थे और रील पर अश्लील कमेंट्स भी करते थे। बताया जा रहा है कि इंस्टाग्राम पर ट्रोल होने की वजह से आहत होकर प्रियांशु ने खुदकुशी जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया।
अन्य लड़कों की तरह ही सामान्य था व्यवहार
सुर्खियों में छाए इस पूरा मामले की सच्चाई जानने के लिए जब ‘अमर उजाला’ की टीम द्वारा पड़ताल की गई। इसमें पता चला कि देवास रोड स्थित डिवाइन सिटी निवासी प्रियांशु (16) पिता राजेंद्र यादव एक अच्छा मेकअप आर्टिस्ट था। जो कि अपनी कला के बारे में सभी को बताने के लिए इंस्टाग्राम पर मेकअप, नेल पॉलिश, ज्वेलरी और कपड़े पहनने के साथ ही लड़कियों की अलग-अलग ड्रेस में भी रील्स बनाता रहता था। इंस्टाग्राम पर भले ही वह इस प्रकार की रील बनाता हो, लेकिन जब हमने पड़ताल की तो पता चला कि स्कूल में उसका व्यवहार सामान्य बच्चों की तरह ही रहता था। पहले प्रियांशु सेंट थॉमस स्कूल में पढ़ता था, जिसके बाद पिछले दो वर्षों से वह देवास रोड स्थित उज्जैन पब्लिक स्कूल में पढ़ रहा था।
किसी महिला वाले कार्यक्रम में कभी नहीं लिया हिस्सा
जानकारी के मुताबिक, स्कूल में उसकी गतिविधि सामान्य बच्चों की तरह ही थी और वह शांत स्वभाव का था। पढ़ाई-लिखाई में भी वह अव्वल था। वह मेकअप आर्टिस्ट जरूर था, लेकिन वह स्कूल में होने वाली सभी सामान्य प्रतियोगिताओं में ही भाग लेता था। ऐसी कोई प्रतियोगिता में उसने आज तक भाग नहीं लिया, जिसमें वह किसी महिला या किसी युवती की ड्रेस पहनकर शामिल हुआ हो।
एलजीबीटी संस्था ने दी प्रियांशु को श्रद्धांजलि
उज्जैन की नागझिरी स्थित डिवाइन सिटी में रहने वाले दसवीं के छात्र प्रियांशु यादव ने 22 नवंबर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस आत्महत्या के बाद भारत भर की एलजीबीटी संस्था आगे आई हैं। सभी ने मिलकर प्रियांशु यादव को इंस्टाग्राम पर संस्था के पर्सनल अकाउंट पर सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए खेद व्यक्त किया है। संस्था क ओर से कहा गया है कि मेटा के एक्स इंजीनियर Arturo Bejar ने यूएस के पार्लियामेंट को अवगत कराया था कि इंस्टाग्राम पर छोटे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। संस्था ने यह भी लिखा है कि एक हफ्ते से ट्रोल होने के कारण प्रियांशु बेहद तनाव में था।