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Ujjain News: बिजली कर्मचारियो की लापरवाही से किसान की मौत, परिजनों का आरोप- बंद बताकर चालू लाइन का तार पकड़ाया

Sun, 28 Jun 2026 10:11 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

भाटपुरा गांव में टूटे बिजली तार की मरम्मत के दौरान करंट लगने से 27 वर्षीय किसान दरबार सिंह सुरावत की मौत हो गई। परिजनों ने बिजली कर्मचारियों पर बिना शटडाउन लिए तार उठवाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने दोषियों पर कार्रवाई, मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी की मांग की है।

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दरबार सिंह सुरावत, मृतक
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विस्तार
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बिजली विभाग के कर्मचारियों की घोर लापरवाही से भाटपुरा गांव में एक किसान की जान चली गई। दो दिन पहले हुए हादसे में 27 वर्षीय दरबार सिंह सुरावत की करंट लगने से मौत हो गई। वह अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें एक की उम्र महज 5 महीने और दूसरे की 2 साल है।

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बताया जाता है कि बारिश के कारण भाटपुरा गांव में बिजली का तार टूट गया था। इससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप्प थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बिजली विभाग को दी। सुबह जब लाइनमैन कमल और कर्मचारी रामराज मौके पर पहुंचे, तो परिजनों के अनुसार बड़ा हादसा हो गया। परिजनों का आरोप है कि पोल पर चढ़े लाइनमैन कमल के कहने पर नीचे खड़े कर्मचारी रामराज ने किसान दरबार सिंह से कहा कि लाइन बंद है, तार उठाकर दे दो। दरबार सिंह ने बिजली बंद होने की पुष्टि की और कर्मचारियों ने उन्हें लाइन बंद होने का पूरा भरोसा दिलाया। इसी भरोसे में उन्होंने जैसे ही टूटा हुआ तार उठाया, लेकिन तेज करंट की चपेट में आ गए और तार से चिपक गए। मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत लकड़ी की मदद से उन्हें तार से छुड़ाने की मशक्कत की। काफी प्रयास के बाद जब उन्हें तार से अलग किया गया तो हालत गंभीर थी। परिजन तुरंत माकड़ौन अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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सुरक्षा नियम ताक पर, परिजनों में आक्रोश
घटना के बाद गांव में गहरा आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि बिजली कर्मचारियों ने बिना शटडाउन लिए, बिना सुरक्षा उपकरणों के किसान से चालू लाइन का तार उठवा दिया। नियमानुसार लाइन बंद किए बिना और अर्थिंग किए बिना तार को हाथ लगाना मना है, लेकिन कर्मचारियों ने सारे नियम ताक पर रख दिए।

मुआवजे और कार्रवाई की मांग
गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने दोषी कर्मचारियों लाइनमैन कमल और रामराज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मृतक किसान के परिवार को उचित मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने कहा कि 5 महीने के बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया, अब परिवार का सहारा कौन बनेगा? फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
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विद्युत विभाग के डीई सिद्धार्थ भमोरिया ने बताया कि अभी इस पूरे मामले की जानकारी मुझे नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे, उसका पालन किया जाएगा। 

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