गणेश आरती की पावन पंक्तियों को समाजसेवा के मानवीय धरातल पर उतारने की अनूठी पहल के तहत मनोविकास समिति को विघ्नहर्ता अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। समिति की ओर से फादर मैथ्यू ने यह सम्मान ग्रहण किया। वर्तमान में मनोविकास समिति से जुड़े 40 से अधिक समर्पित शिक्षक बौद्धिक दिव्यांग एवं विशेष बच्चों को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और आत्मविश्वास देकर उनका जीवन संवारने में जुटे हैं।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृष्णकांत मिश्रा (कृष्णा गुरुजी) ने कहा कि जो लोग समाज के कमजोर वर्गों की सेवा कर उनके जीवन से विघ्न हटा रहे हैं, वे साक्षात गणेश स्वरूप हैं। विघ्नहर्ता अवॉर्ड के जरिए आरती के भावों को चरितार्थ करने वाली हस्तियों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। इस दौरान 'अंधन को आंख देत' नेत्रदान एवं अंगदान के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए नंदकिशोर व्यास। 'कोढ़न को काया देत' कुष्ठ रोगियों की निःस्वार्थ सेवा के लिए यामिनी निवासकर। 'बांझन को गर्भ देत' मातृत्व एवं चिकित्सा सेवा के लिए अंकुरा हॉस्पिटल की डॉ. आस्था माथुर। 'निर्धन को माया देत' निर्धन बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार की राह दिखाने के लिए अनुराग सस्देवा एवं उनकी मानवता संस्था। आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना: धर्म व सेवा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिए अतूल रामनारायण तिवारी को सम्म्मनित किया गया।
मासूमों की मुस्कान से गूंजा परिसर
आरती और सम्मान समारोह के बाद कृष्णा गुरुजी व उनकी टीम ने विशेष बच्चों को भगवान गणेश के मोदक (लड्डू) बांटे। मोदक पाते ही बच्चों के चेहरे खिल उठे और पूरा परिसर गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कृष्णा गुरु ने बताया कि कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा विघ्नहर्ता अवॉर्ड का यह लगातार तीसरा वर्ष है। कार्यक्रम में इंदौर से विजू मोरे, नितेश पटेल, ब्रजेश पटेल, राकेश बजाज और कुलकर्णी जी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
बच्चोंं के साथ कृष्णागुरुजी