स्थायी नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर सड़क पर उतरे प्रदेश भर के पटेल
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"हम लोग खानदानी पटेल हैं, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी पटेली करते आए हैं। हमारी मांग है कि सरकार परंपरागत पटेल के पुत्र को पटेल पद का स्थायी नियुक्ति पत्र जारी करे और सम्मान निधि प्रदान करे। सभी प्रदेशों में पटेलों को सम्मान निधि दी जाती है, लेकिन मध्य प्रदेश में हमें कुछ नहीं मिलता। हम सरकार से मात्र 1 रुपये सम्मान निधि देने की मांग करते हैं।" यह बात पटेलों के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पटेल चोंगले ने उज्जैन में प्रदर्शन के दौरान मीडिया से कही।
प्रदेशभर से उज्जैन पहुंचे ग्राम पटेलों ने किया प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में उज्जैन पहुंचे परंपरागत पटेलों ने सोमवार को पटेल पद का स्थायी नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी, सीएम मोहन यादव और डॉ. भीमराव अंबेडकर के फोटो हाथ में लेकर सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। प्रशासनिक अधिकारी उन्हें समझाने पहुंचे, लेकिन पटेल कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े रहे। प्रदेशभर से आए ग्राम पटेलों ने पटेल सम्मान निधि नहीं मिलने से नाराज होकर शांति पैलेस चौराहे पर धरना दिया। इनमें झाबुआ, इंदौर, पन्ना, देवास, डिंडोरी, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, नरसिंहपुर, अशोकनगर, दतिया, गुना सहित कई जिलों से आए पटेल शामिल थे।
जानिए कौन होता है ग्राम पटेल
गांव का मुखिया या प्रधान, ग्राम पटेल कहलाता है। वह गांव के विकास और शासन से जुड़े कार्यों की ज़िम्मेदारी उठाता है। ग्राम पटेल का काम शासन की योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाना, गांव में छोटे-मोटे विवादों का निराकरण करना, शासकीय कार्यों की देखरेख करना, ग्राम सुरक्षा समिति का गठन करना और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना आदि होता है।
प्रदर्शन की तस्वीरें...