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Pradeep Mishra vs Dhirendra Shastri: ‘जब खुद भगवान बैठा है तो हम साधारण मनुष्य पर भरोसा क्यों करें’

Tue, 04 Apr 2023 10:23 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंगलवार को बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री पर तंज किया है। उन्होंने कहा कि मैं सभी भक्तों से बस यही कहना है कि शंकर भगवान का भजन करें। जब स्वयं भगवान बैठा है, जिसने दुनिया का भाग्य लिखा तो हम भगवान को छोड़कर किसी साधारण मनुष्य पर भरोसा क्यों करें।
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कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश के उज्जैन में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री पर तंज किया है। प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जब स्वयं भगवान बैठा है तो हम साधारण मनुष्य पर भरोसा क्यों करें। दरअसल, धार्मिक नगरी उज्जैन में हजारों श्रद्धालुओं के बीच कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा की शुरूआत हो चुकी है। मुल्लापुरा में बनाए गए पंडाल में पंडित प्रदीप मिश्रा ने सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का वाचन किया। कथा समाप्ति के बाद प्रदीप मिश्रा ने मीडिया के कुछ सवालों का जवाब भी दिया।

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साईं बाबा पर चल रहे विवाद को लेकर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सनातन धर्म में देवी-देवताओं की कोई कमी नहीं है। आप उन्हीं को पूजें, वही आनंद का विषय हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा से पूछा गया कि कथा के दौरान आपके द्वारा किसी प्रकार की भविष्यवाणी न करने और परिचय न लिखने की बात का अर्थ क्या बागेश्वर सरकार से है? इसपर उन्होंने कहा कि मैं न तो कोई भविष्यवाणी करता हूं और न ही कोई परिचय लिखता हूं, मैं सभी भक्तों से बस यही कहना है कि शंकर भगवान का भजन करें। जब स्वयं भगवान बैठा है, जिसने दुनिया का भाग्य लिखा तो हम भगवान को छोड़कर किसी साधारण मनुष्य पर भरोसा क्यों करें।

राजनीति में आने के प्रश्न पर मिश्रा ने कहा कि मैं कभी भी राजनीति में आना नहीं चाहता। रुद्राक्ष की महत्ता पर उन्होंने कहा कि यह भगवान शिव का प्रसाद है, जिसका उल्लेख शिव महापुराण की कथा में भी मिलता है। इसके साथ ही एक अन्य प्रश्न कि साधु संत चाहते हैं कि सनातन धर्म के हिसाब से देश चलना चाहिए, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि देश संविधान के हिसाब से चले। इस पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि संविधान और सनातन धर्म के साथ यह देश चलना चाहिए। दोनों के साथ होने से ही यह राष्ट्र आगे बढ़ेगा और इसे आनंद के साथ चलाया जा सकेगा।
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उज्जैन में शिव महापुराण से बदल गया था पंडित प्रदीप मिश्रा का भाग्य
धार्मिक नगरी उज्जैन इन दिनों श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के मंत्र से गुंजायमान हो रही है। कथा स्थल पर ‘सीहोर वाले पंडित जी की जय’ के नारे लगाए जा रहे हैं। कथा स्थल पर पंडाल में जगह न मिलने पर भी श्रद्धालु धूप में खड़े होकर शिव महापुराण कथा का सुन रहे हैं। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि कुछ वर्षों पहले सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की इतनी प्रसिद्धि नहीं थी। इसके पहले भी पंडित प्रदीप मिश्रा उज्जैन में एक बार नानीबाई का मायरा और चार बार शिव महापुराण की कथा का श्रवण शहरवासियों को करवा चुके हैं। लेकिन अब उनके लाखों अनुयायी हैं जो कि वर्तमान में प्रतिदिन उनकी कथा का श्रवण पंडाल के साथ ही घर पर टीवी के जरिए भी कर रहे हैं।

इन दिनों सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा का एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उसमें उनके साथ श्रद्धालुओं की भीड़ तो नहीं है लेकिन समाजसेवी श्रवण शर्मा उन्हें पुष्पहार पहनाकर उनका स्वागत जरूर कर रहे हैं। वहीं, उनके साथ शहर के समाजसेवी केतन माहेश्वरी भी हैं जो कि पंडित प्रदीप मिश्रा से श्रवण शर्मा का परिचय करवा रहे हैं।

इस फोटो को लेकर जब श्रवण शर्मा से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि वर्ष 2018 में समाजसेवी केतन माहेश्वरी की ओर से एक शिव महापुराण का आयोजन उज्जैन में किया गया था। उस समय गुदरी चौराहा पर निकले जुलूस के दौरान मैंने बग्गी में सवार पंडित प्रदीप मिश्रा का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया था।
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इस बारे में केतन माहेश्वरी ने बताया कि साल 2003 में पंडित प्रदीप मिश्रा नानी बाई का मायरा करने उज्जैन में आए थे। उसे माहेश्वरी समाज ने आयोजित किया था। इसके बाद माहेश्वरी महिला मंडल की ओर से दो बार आयोजित की गई शिव महापुराण कथा, समाजसेवी ओमप्रकाश भावसार द्वारा बिल्केश्वर धाम बड़नगर रोड पर आयोजित शिव महापुराण कथा और महाकाल मंडपम में साल 2019 में गोपाल मंदिर के पुजारी पंडित राम पाठक द्वारा आयोजित की गई शिव महापुराण कथा करने भी पंडित प्रदीप मिश्रा उज्जैन आए थे। इस कथा के मुख्य यजमान गोपाल मंदिर के पुजारी पंडित राम पाठक ही थे। कुछ साल पहले पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा की जाने वाली शिव महापुराण की कथा और आज की जा रही कथा काफी अंतर है। अब लाखों श्रद्धालु सिर्फ और सिर्फ उनकी कथा सुनने पहुंचते हैं। माहेश्वरी ने कहा कि यह देखकर कहा जा सकता है कि बाबा महाकाल ने ही पंडित प्रदीप मिश्रा का भाग्य उज्जवल कर दिया।

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