उज्जैन के कई प्राचीन और महत्वपूर्ण मंदिरों में पूजा-पाठ और यज्ञ करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। देश-विदेश के कई श्रद्धालु समय की कमी और अन्य कारणों से ऐसा नहीं कर पाते। उनकी समस्या को दूर करने के लिए उज्जैन के कुछ मंदिरों में पंडितों ने ऑनलाइन पूजा की व्यवस्था की है। यजमान के सामने लाइव बैठकर पंडित मंत्रोच्चार करते हैं और पूजा संपन्न करवाते हैं। पूजा के बाद रिकॉर्डिंग और प्रसाद यजमान को भेजा जाता है।
महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में देश-विदेश से आने वाले भक्तों की संख्या कई गुना अधिक हो गई है। बीते दो वर्षो में बाबा महाकाल के मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के साथ-साथ उज्जैन के अन्य प्राचीन मंदिर मंगलनाथ, काल भैरव, नवग्रह शनि मंदिर, गढ़कालिका, सांदीपनि आश्रम और मंगलनाथ में भी भक्तों की संख्या में वृद्धि हुई है। अब कुछ कंपनियां भी शुरू हुई है जो श्रद्धालुओं को घर-बैठे विधि-विधान से पूजा कराने की व्यवस्था दे रहे हैं।
बेंगलोर की एक कंपनी ने उज्जैन में पूजन की ऑनलाइन रिकॉर्डिंग और लाइव पूजा के लिए पंडितों को नियुक्त किया है। वामा देव दर्शन, पूजन एस्ट्रो उत्सव सहित देश की अन्य कम्पनिया भी अब उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ-साथ देश के अलग-अलग मंदिरों में पूजन करवा रही है। उज्जैन में नवग्रह शनि मंदिर, विक्रांत भैरव, गढ़कालिका, अंजनी पुत्र हनुमान नीलगंगा, बड़ा गणेश, मंगलनाथ मंदिर में लाइव पूजन की व्यवस्था की गई है। 851 से लेकर 3,001 रुपये तक में यह पूजा हो रही है।
नवग्रह शनि मंदिर के पुजारी राकेश बैरागी ने बताया कि ऑनलाइन का जमाना है। उज्जैन के अधिकांश बड़े मंदिरों में एप से पूजन हो रहे हैं। जो श्रद्धालु उज्जैन नहीं आ पाते, वे घर बैठे-बैठे श्री मंदिर, उत्सव, वामा जैसी कंपनियों से संपर्क कर ऑनलाइन पूजन करवाते हैं। उज्जैन में नवग्रह का पूजन शनि मंदिर पर, भात पूजन मंगलनाथ पर ऋण मुक्ति के लिए ऋण मुक्तेश्वर पर पूजन करने की व्यवस्थाएं की गई हैं।
पूजन के बाद लाइव रिकॉर्डिंग और प्रसाद भेजा जाता है
पूजन में बैठने वाले व्यक्तियों के हिसाब से कैमरे का सेटअप किया जाता है। दो लोगों से ज्यादा बैठने पर दो कैमरे का सेटअप होता है। लाइव फीड और पूजन रिकॉर्डिंग के साथ-साथ पूजन के बाद का प्रसाद भी भक्तों को भेजा जाता है। यह सब पूजन के लिए ली गई राशि से होता है। वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रसाद का अलग से चार्ज नहीं लगता। पूजा में संकल्प के दौरान श्रद्धालु के गोत्र का नाम लिया जाता है। पूजन का वीडियो वाट्सएप पर भेजा जाता है। पूजन के अंत में मिठाई, पुष्प, सूखे मेवे का प्रसाद भी दिया जा रहा है।
लाइव पूजन करवाते पंडित।