उज्जैन में पांचवां सरीसृप रक्षा अभियान आयोजित किया गया
- फोटो : Amar Ujala
धर्मनगरी उज्जैन में नागपंचमी का पर्व केवल आस्था और भक्ति तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हास्य-विनोद के एक अद्भुत संगम का गवाह बना। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, कोठी रोड पर 'भगत जी सेवा संस्थान' के तत्वावधान में 5वां सरीसृप रक्षा अभियान आयोजित किया गया। 'पर्यावरण बचाओ- सरीसृप को मुस्कुराओ' थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रात:कालीन भ्रमण और व्यायाम प्रेमियों के लिए आयोजित अनूठी प्रतियोगिताएं और उन्हें दिए गए अनोखे अवॉर्ड रहे।
विजेताओं को पहनाई गई नींबू-मिर्च और अदरक की माला
कार्यक्रम के दौरान नागिन की प्रसिद्ध धुनों पर लोट-लोटकर नृत्य करने वाले प्रतिभागियों को हास्यप्रद और रोचक उपाधियों से सम्मानित किया गया। इस दौरान विजेताओं को नींबू-मिर्च और अदरक की माला पहनाकर एक अलग अंदाज में सम्मानित किया गया।
पुरस्कृत होने वाले प्रमुख प्रतिभागियों की सूची इस प्रकार है:
पुरुष वर्ग के प्रमुख अवॉर्ड
- शाही डेंडू: सोनू जी
- सांपों के बादशाह: अरुण रोचवानी
- आस्तीन का सांप: महेंद्र व्यास
- सांपों का राजकुमार: मनीष उपाध्याय
- उज्जैन उत्तर का अजगर: गोपाल जी
- नागराज: स्वामी मुस्कुराके (शैलेंद्र व्यास)
- नगर निगम का कोबरा: विकास अरोरा
- कुटेला नाग: अशोक दाता
महिला वर्ग के प्रमुख अवॉर्ड
- सांपों की राजकुमारी: संगीता जायसवाल
- सांपों की दादी: सुशीला साठे
- अजगर शाही नागिन: विजया दाता
- भोली नागिन: मीनल अरोरा
- मिस सर्पिणी: ममता
- जहरीली नागिन: अनीता राव
- सुरीली नागिन: संध्या
- फुफकारती नागिन: किरण अरोरा
- रंगीली नागिन: सुनीता व्यास
- बड़बड़ी नागिन: नीलू
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जागरूकता के साथ हास्य का तड़का
आयोजन समिति के संयोजक मंगल बामनिया ने बताया कि अभियान का यह पांचवां वर्ष है। कार्यक्रम में सर्प विशेषज्ञ मुकेश इंगले ने उपस्थित जनसमुदाय को विभिन्न प्रजातियों के सांपों की पहचान करने, उनसे बचाव और विष से सुरक्षित रहने के व्यावहारिक उपाय समझाए। वहीं, पूरे समारोह के सूत्रधार स्वामी मुस्कुराके (शैलेंद्र व्यास) ने अपने चुटीले अंदाज और व्यंग्य से समां बांध दिया। कार्यक्रम में जोड़ों ने नागिन की धुन पर जमकर नृत्य किया और दुग्ध पान की रस्म भी अनोखे अंदाज में निभाई गई। धार्मिक आस्था के बीच पर्यावरण और सरीसृप संरक्षण का यह मजाकिया और जागरूक प्रयास शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।