विधायक महेश परमार ने एसडीएम के पैर तक छू लिए।
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मध्यप्रदेश के एक विधायक का अलग अंदाज सामने आया है। जहां नेता अफसर को हड़काते नजर आते हैं, वहीं उज्जैन के एक नेता जनता के लिए पैर पड़ते नजर आए हैं। उनकी मांग थी कि गरीबों का आवास ने तोड़ा जाए। विधायक ने यहां तक कह दिया कि गरीबों को उनके घर में रहने दो या तो गरीबों को घर मिलेंगे या फिर यहां से उनकी लाश जाएगी।
बता दें कि मामला उज्जैन का है। दरअसल सिंहस्थ भूमि पर अवैध कॉलोनियां काट दी गई थीं, जिन्हें हटाने के लिए प्रशासन कोशिश कर रहा है। मुनादी करवाकर गुलमोहर, श्री रामनगर, सूरज नगर, मंगल कॉलोनी व ग्यारसी नगर, ज्ञान टेकरी, जयसिंहपुरा क्षेत्र के लोगों को जगह खाली करने का कहा जा रहा है। लगातार बढ़ते प्रशासन के दबाव के बाद इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग कलेक्टर से गुहार लगाने पहुंच गए। उनके साथ तराना विधायक महेश परमार भी थे। काफी देर बाद भी जब इन लोगों की समस्याएं सुनने के लिए कलेक्टर आशीष सिंह नहीं आए तो विधायक नाराज हो गए और उन्होंने एसडीएम कल्याणी पांडे के पैर पड़ते हुए गरीबों के आशियाने ना उजाड़ने की बात कही।
विधायक परमार ने मामले में राजनीति करने का भी आरोप लगाया और प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रही है लेकिन वहीं भाजपा सरकार के राज मे उज्जैन में गरीबों के आशियाने तोड़े जा रहे हैं। अतिक्रमण हटाना कोई गलत बात नहीं है लेकिन इन मकानों को हटाने के पहले प्रशासन उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए, जिनकी नाक के नीचे सिंहस्थ की इस भूमि पर इस प्रकार की अवैध कॉलोनियां बन गईं। विधायक महेश परमार का कहना था कि गरीबों को उनके घर में रहने दो या तो गरीबों को घर मिलेंगे या फिर यहां से उनकी लाश जाएगी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हमने जैसे तैसे अपने यहां आशियाने बनाए हैं। इन आशियानो को पूरा करने में हमारे जीवन की पूरी जमा पूंजी लग चुकी है आप अगर यह आशियाने तोड़े जाते हैं तो फिर हम बेघर हो जाएंगे और ऐसी ठंड में आखिर कहां जाएंगे....? एडीएम संतोष टैगोर और एसडीएम कल्याणी पांडे ने रहवासियों को समझाया, लेकिन लोग नहीं माने।