विक्रम विवि उज्जैन को 100 करोड़ की ग्रांट मिली है।
- फोटो : सोशल मीडिया
पीएम उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत मध्यप्रदेश के तीन विश्वविद्यालयों को सौ-सौ करोड़ की ग्रांट मिली है। इसमें विक्रम विश्वविद्यालय भी शामिल हैं। 20 फरवरी को प्रधानमंत्री आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्रांट के लिए चयनित देश के विश्वविद्यालयों को आवंटन जारी करेंगे। विक्रम विवि को सौ करोड़ की ग्रांट मिलने की सूचना के बाद से विश्वविद्यालय में खुशी की लहर फैल गई।
विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय ने बताया कि करीब तीन महीने पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उच्च शिक्षा मंत्री रहते विक्रम विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा विभाग के रूसा को ग्रांट के लिए प्रस्ताव पहुंचाया गया था। उच्च शिक्षा विभाग से यह प्रस्ताव पीएम उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के लिए दिल्ली भेजे गए थे। दिल्ली में समिति की बैठक के बाद विक्रम विश्वविद्यालय को एक सौ करोड़ की ग्रांट की स्वीकृति मिली है। कुलपति प्रो. पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय को यह गौरवपूर्ण उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उनके द्वारा किए गए प्रयासों से ही मिली है। इतनी बड़ी ग्रांट मिलने के बाद विश्वविद्यालय की अकादमिक स्तर, रिसर्च, इंफ्राटेक्चर, स्कील डेवल्पमेंट, कंट्रक्शन और रिनोवेशन के कार्य होने से विश्वविद्यालय मजबूत होगा। सौ करोड़ की ग्रांट प्रदेश के दो अन्य विश्वविद्यालयों को भी मिली है। जिसमें जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल भी शामिल है। पीएम उषा के तहत ग्रांट के लिए मिलने वाली राशि तय मापदंड में जिस उपयोग के लिए विश्वविद्यालय को दी है उसे समय सीमा के दौरान उपयोग करना होगा। यदि समय सीमा में विश्वविद्यालय राशि खर्च नही करते है तो यह राशि लैप्स हो जाएगी।
20 फरवरी को प्रधानमंत्री करेंगे आवंटन
पीएम उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत देशभर के विश्वविद्यालयों को प्रस्ताव के आधार पर अलग-अलग ग्रांट की स्वीकृति हुई है। 20 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान के तहत चयनीत विश्वविद्यालयों को करीब 12 हजार 926 करोड़ की राशि का आवंटन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान देशभर के विश्वविद्यालय भी ऑनलाइन जुड़ेंगे।