सूडान और तंजानिया सहित देश-विदेश के ऐसे स्टूडेंट, जिनके पास हिंदी भाषा को लेकर अधिक जानकारी नहीं है, उन्हें उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी हिंदी का बेसिक पाठ्यक्रम पढ़ाने जा रही है। यह पाठ्यक्रम अपने आप में अनूठा है और मध्यप्रदेश की एकमात्र ऐसी यूनिवर्सिटी है, जहां हिंदी को प्रोत्साहन देने के लिए पहल की गई है।
बता दें कि इस पहल का स्टूडेंट्स की ओर से भी स्वागत किया जा रहा है। विक्रम यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अखिलेश पांडेय ने बताया कि विक्रम यूनिवर्सिटी में देश ही नहीं बल्कि विदेशों के स्टूडेंट पढ़ाई करने के लिए आते हैं। राष्ट्रीय नीति के अनुसार स्टूडेंट्स को हिंदी की भी अनिवार्यता रहती है।
हिंदी भाषा को लेकर काफी कठिनाइयां आती हैं...
विक्रम यूनिवर्सिटी के पीआरओ डॉ. शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि वर्तमान में दूसरे प्रदेश और विदेश से आने वाले स्टूडेंट्स को हिंदी भाषा को लेकर काफी कठिनाइयां आती हैं। इसे दूर करने के लिए विक्रम यूनिवर्सिटी की ओर से हिंदी का पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम के जरिए स्टूडेंट्स को बेसिक पाठ पढ़ाया जाएगा।
इसमें आम बोलचाल की भाषा के शब्द से लेकर लिपि भी समझाई जाएगी, ताकि वे हिंदी का बेसिक ज्ञान लेकर रोजमर्रा के कामकाज में भी किसी प्रकार की कठिनाई न उठाएं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की विक्रम यूनिवर्सिटी पहली ऐसी यूनिवर्सिटी बन गई है, जहां पर हिंदी का बेसिक पाठ्यक्रम सिखाया जाएगा। इसे लेकर पूरी तैयारियां कर ली गई है।