उज्जैन में मक्सी रोड स्थित बस डिपो के बाहर पड़ी पुरानी बगैर पहियों की मारुति वैन के अंदर 75 साल की कुक्कू बाई निवासी आगर-मालवा जिला, पिछले तीन साल से रहकर गुजारा कर रही है। स्थानीय रहवासियों ने बताया कि कोरोना में कोई इस बुजुर्ग को सड़क पर छोड़कर चला गया था, तब से महिला यहीं खड़ी टूटी-फूटी कार के अंदर ही रह रही है।
पहले तो महिला खुद चल फिर लेती थी, लेकिन पिछले एक साल से महिला को आंखों से दिखाई नहीं दे रहा है। तब से हम सब मिलकर बुजुर्ग महिला का ध्यान रखते हैं। दोनों टाइम के भोजन की व्यवस्था, साथ ही में पहनने के लिए कपड़े भी देते हैं। तीन साल से अधिक समय से यहां रह रही है। हमने महिला से बात की थी, जिसमें महिला ने बताया था कि वह आगर की रहने वाली है। महिला की उम्र करीबन 75 साल के ऊपर है। महिला को दिखाई नहीं देने के कारण अब गाड़ी से उतर भी नहीं पाती है, जिस कारण हम लोग मिलकर साफ-सफाई कर देते हैं। एक टाइम के भोजन के रुपये एक युवक दे जाता है। पास में बने ढाबे से महिला का भोजन ढाबे वाला महिला को दे देते हैं।
दुर्घटना का रहता है भय
स्थानीय रहवासी बताते हैं कि अब तो बुजुर्ग महिला का ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है। दिखाई नहीं देने के कारण रोड पर आने का डर रहता है और यहां एक्सीडेंट भी अधिक होते हैं। यहां के निवासियों ने कई बार 100 डायल वालों को भी बताया है। उनका कहना है कि इसकी जानकारी लेकर आओ तो बुजुर्ग महिला को अनाथ आश्रम भिजवा देंगे।
क्षेत्रवासियों ने किया था गाड़ी ले जाने का विरोध
कुछ महीने पूर्व मक्सी रोड डिपो के बाहर खड़ी टूटी-फूटी मारुति वैन को उठाने के लिए कुछ दलाल वहां पहुंचे। दलालों को यह नहीं मालूम था कि उस गाड़ी में एक बुजुर्ग महिला रहती है। जब उन्होंने गाड़ी में महिला को देखा तो महिला को गाड़ी से उतारकर गाड़ी ले जाने का प्रयास किया। लेकिन यहां के निवासियों ने मारुति वैन लेने आए दलालों को वहां से भगाया, उसके बाद फिर महिला को गाड़ी में रहने के लिए जगह मिल गई और आज तक महिला इस गाड़ी के अंदर रहती है।