जिसका डर था वही हुआ
कलीम खीन उर्फ गुड्डू पर यह पहला हमला नहीं था। बीती 4 अक्टूबर को मॉर्निंग वॉक के दौरान भी गुड्डू पर जानलेवा हमला हुआ था। हालांकि, इस दौरान कलीम की किस्मत ने उसका साथ दिया था। एक के बाद एक 3 फायर होने पर गुड्डू ने नाले में कूदकर अपनी जान बचा ली थी। इस दौरान एक गोली उन्हें छूकर निकली और हाथ में फ्रेक्चर भी हो गया था। इस हमले के बाद गुड्डू काफी डर गए थे, इसे लेकर उन्होंने पुलिस को भी शिकायती आवेदन दिया था। नीलगंगा पुलिस ने जांच करने के बाद 9 अक्टूबर केस दर्ज किया था और आरोपियों की तलाश शुरू ही की थी। लेकिन, जब तक पुलिस आरोपियों ने तक पहुंचती उन्होंने उसे गोलियों से भून दिया।
गुड्डू के खिलाफ 31 केस दर्ज
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि गुड्डू 20 साल पहले कांग्रेस के पार्षद रहे हैं। उन पर 31 केस दर्ज हैं। प्राथमिकी जांच में प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की बात सामने आई है। गुड्डू कलीम की ज्यादातर प्रॉपर्टी उनकी पत्नी नीलोफर के नाम पर है। अब वह इसे अपने नाम पर करवाना चाहते थे, जबकि नीलोफर और दोनों बेटे यह नहीं चाहते थे कि संपत्ति गुड्डू कलीम के नाम पर हो। इस बात को लेकर परिवार में आए दिन विवाद होता रहता था। 4 अक्टूबर को गुड्डू पर हुए जानलेवा हमले के मामले में भी नीलोफर के एक रिश्तेदार को गिरफ्तार किया गया है। नीलोफर और दोनों बेटों को डर था कि गुड्डू पूरी संपत्ति अपने नाम पर ना करवा ले, इसी के चलते उसकी हत्या कर डाली।