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Ujjain News: मौनी और शनिश्चरी अमावस्या का महासंयोग, क्षिप्रा नदी में श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी

Thu, 19 Jan 2023 09:27 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या 21 जनवरी को प्रात: 6 बजकर 17 मिनट से शुरू हो रही है, जो 22 जनवरी को रात 2 बजकर 22 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि को देखते हुए 21 को मौनी अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, दान करने से अक्षय पुण्य मिलता है।
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मौनी अमावस्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माघ माह में आने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। मौनी अमावस्या पर इस बार शनिवार होने के कारण इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है। इस बार माघी अमावस्या 21 जनवरी 2023 यानी शनिवार के दिन मनाई जाएगी। माघ मास में पड़ने वाली इस मौनी अमावस्या पर दान करने से शनि के दुष्प्रभावों में कमी आएगी। साथ ही नदियों में स्नान करने से पुण्य लाभ भी होगा।

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शनिश्चरी अमावस्या को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की क्षिप्रा नदी में स्नान करेंगे, साथ ही त्रिवेणी संगम तीर्थ जाकर पुण्य की डुबकी लगाएंगे। ज्योतिषाचार्य पं. आनंद शंकर व्यास ने बताया कि इस बार माघ मास में पांच शनिवार रहेंगे। शनि की साढ़े साती, ढैय्या या अन्य जन्मजात शनि दोषों की निवृत्ति के लिए इस शनिवारी अमावस्या पर दान करने से अधिक लाभ होगा।

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स्नान का शुभ मुहूर्त
उन्होंने बताया कि माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या 21 जनवरी को प्रात: 6 बजकर 17 मिनट से शुरू हो रही है, जो 22 जनवरी को रात 2 बजकर 22 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि को देखते हुए 21 को मौनी अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, दान करने से अक्षय पुण्य मिलता है।

प्रशासन ने किए व्यवस्था के चाकचौबंद इंतजाम
मोक्षदायिनी शिप्रा के त्रिवेणी संगम पर हजारों श्रद्धालु स्नान के लिए आएंगे। नवग्रह शनि मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। मंदिर में दर्शन और स्नान के लिए दो अलग-अलग कतार लगाई जाएगी। कड़ाके की ठंड के बीच पर्व स्नान होने से प्रशासन द्वारा इस बार अलाव के भी इंतजाम किए गए हैं। त्रिवेणी घाट पर हमेशा की तरह फव्वारे लगाए जा रहे हैं। 

भीड़ को देखते हुए खास इंतजाम किए गए हैं। घाट और मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं। महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए शेड का इंतजाम भी विशेष रूप से किया गया है। कुछ दिनों पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह और एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला ने मंदिर और घाट का निरीक्षण भी किया था और आवश्यक निर्देश दिए थे। अनुमान है कि एक लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान के लिए आएंगे। इसे देखते हुए सुरक्षा बल भी तैनात किया जाएगा और वाहन स्टैंड सहित टे्रफिक व्यवस्था के माकूल इंतजाम किए जाएंगे।
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एक दिन पहले से आ जाते हैं श्रद्धालु
शनिश्चरी अमावस्या पर स्नान के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल से श्रद्धालु आते हैं। ये एक दिन पूर्व ही धार्मिक नगरी में पहुंचते हैं। रात में शिप्रा किनारे ही भजन-कीर्तन करते हैं और अलसुबह स्नान करते हैं। प्रशासन द्वारा ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाए जाएंगे ताकि ठंड से बचाव हो सके।

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