अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल होने के लिए उज्जैन कवि और गीतकार मनोज मुंतशिर आज बाबा महाकाल के दर्शन करने मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन किए और इसके बाद नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल का ध्यान लगाया और नंदी जी के कानों में मनोकामना भी कही।
बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद मनोज मुंतशिर ने मीडिया से कहा कि आज मेरे पास जो भी है, सब बाबा महाकाल की कृपा से है। जब में काफी कठिनाई में था और स्ट्रगल कर रहा था, उस समय मैं बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए उज्जैन आया था, यहां मुझे बाबा महाकाल का कुछ ऐसा आशीर्वाद मिला कि अब मैं जो भी हूं, सब उन्हीं की कृपा से हूं। बाबा महाकाल का मुझ पर इसी प्रकार आशीर्वाद बना रहे बस यही मेरी कामना है।
कालिदास अकादमी में किया था गीतासंवाद
कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में 5 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की सांस्कृतिक महोत्सव के पहले दिन गीतकार मनोज मुंतशिर शुक्ला ने गीता संवाद किया था।
जानिए कौन है मनोज मुंतशिर
मनोज शुक्ला, जिन्हें मनोज मुंतशिर के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय राष्ट्रवादी गीतकार, टेलीविजन स्क्रिप्ट और पटकथा लेखक हैं। जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के अमेठी में हुआ था। कौन बनेगा करोड़पति के लिए पटकथा लेखन के बाद, उन्होंने फिल्मों के लिए कई सफल हिंदी गीत लिखे। इनमें "गलियां", "तेरे संग यारा", "कौन तुझे", "दिल मेरी ना सुना", "फिर भी तुमको चाहूंगा" और "तेरी मिट्टी" शामिल हैं। ये एक अच्छे गीत कार हैं।