उज्जैन शहर का प्रसिद्ध श्री मंगलनाथ मंदिर कहने को तो प्रशासन के अधीन है लेकिन यहां अव्यवस्थाएं पसरी पड़ी हैं। शायद-प्रशासन का कोई ध्यान ही नहीं है। मंगलनाथ मंदिर की दानपेटियों के फुल होने के बाद भी उन्हें खाली नहीं किया गया है। वह पैसा उगल रही हैं। जिम्मेदारी ने दान पेटी के मुंह पर सेलोटेप चिपका दिए हैं ताकि पेटी में बंद रुपयों की सुरक्षा हो सके।
अमंगल को मंगल में बदलने वाले भगवान मंगलनाथ के दरबार में अव्यवस्थाओं का अंबार है। मंदिर की दान पेटियों की स्थिति ही कुछ ऐसी है कि वह पूरी तरह भर चुकी हैं। मंदिर शिवलिंग के सामने बैरिकेट्स के बीच में लगी दान पेटी से तो रुपये बाहर निकल रहे हैं। कोई भी व्यक्ति हाथ से रुपये खींचकर आसानी से निकाल सकता है। मंदिर की सुरक्षा भी भगवान भरोसे है। जिस स्थान पर यह दान पेटियां लगी हैं, वहां रात को सिर्फ दो सुरक्षा गार्ड रहते हैं। सुरक्षा के नाम पर उन्हें डंडे दिए गए हैं। सिक्योरिटी गार्ड बताते हैं कि हमें रात्रि को मंदिर में डंडे से इस पूरे परिसर और दान पेटी में जमा लाखों रुपये की रक्षा करना पड़ती है, जो कि सब मंगलनाथ भगवान के भरोसे ही हो रही है।
हफ्ते पहले ही गढ़कालिका मंदिर में हुई थी चोरी
एक सप्ताह पहले ही क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गढ़कालिका मंदिर में दो चोरों ने मंदिर में प्रवेश किया और दान पेटी तोड़कर द्वारा मंदिर मे प्रवेश कर दान पेटी को तोड़कर लाखों रुपये चुरा लिए थे। उस समय भी मंदिर में चौकीदार उपस्थित था। सुरक्षा के उचित साधन नहीं होने से चोर लाखों रुपये बोरो में भरकर ले गए थे। मंगलनाथ मंदिर के जिम्मेदारों को इस विषय में जागरुकता दिखाते हुए जल्द से जल्द मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही दान पेटियां खाली कराने की व्यवस्था करनी चाहिए।
कई बार लिखे प्रशासन को पत्र
मंगलनाथ मंदिर के प्रशासक पाठक ने बताया कि दान पेटी खाली कराने के लिए कहा गया है। एक-दो दिन में यह दान पेटियां खाली हो जाएगी। मंदिर की सुरक्षा एवं रात में सशस्त्र जवान की तैनाती एवं मंगलनाथ मंदिर में पुलिस चौकी की स्थापना के लिए प्रशासन को पत्र भी लिख चुके हैं। लेकिन अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।