मंगलनाथ मंदिर के प्रशासक केके पाठक ने बताया कि एक जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक भात पूजन एवं अन्य पूजनों तथा भेट पेटी एवं QR कोड के माध्यम से राशि रुपये 4,50,49,037 की मंदिर समिति को आय प्राप्त हुई है। साथ ही प्रशासक द्वारा यह भी बताया गया कि मंदिर पर की जाने वाली संपूर्ण व्यवस्था कलेक्टर के सक्षम नेतृत्व तथा अध्यक्ष एवं तहसीलदार सचिव श्री मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हो सकी है।
मंगलनाथ मन्दिर प्रबन्ध समिति के प्रशासक के के पाठक ने बताया कि शिप्रा तट स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान श्री मंगलनाथ के मंदिर पर देश-विदेश से श्रद्धालुओं/दर्शनार्थियों के साथ ही साथ भात पूजन एवं अन्य पूजनों यथा- कालसर्प, अंगारक दोष, श्रापित दोष, अर्क विवाह, कुंभ विवाह आदि की पूजन हेतु यजमानों का निरंतर रूप से आगमन होता है। आने वाले सभी यजमानों के द्वारा की जाने वाली पूजन मंदिर के विद्वान पंडित/आचार्यगणों के द्वारा संपूर्ण विधान के साथ संपन्न करवाई जाती है।
मंदिर पर आने वाले सभी यजमानों को विद्ववान पंडित/आचार्यगणों के द्वारा पूजन उपरांत आशिर्वाद दिया जाता है। यजमानों की मनोकामना पूर्ण होने पर पुनः संबंधित यजमान इस मंदिर आकर दर्शन-पूजन कराते हैं। उपरोक्त के क्रम में यह उल्लेखनीय की भगवान श्री मंगलनाथ के मंदिर पर आने वाले श्रद्धालओं को मंदिर के सभी कर्मचारियों के सहयोग से दर्शनार्थियों को व्यवस्थित एवं सुगमता के साथ ही साथ प्रतिदिन गर्भगृह के सामने से दर्शन करवाए गए। इसके साथ ही दर्शनार्थियों की भीड़ अत्यधिक होती थी। तब सम्मानीय पुजारीगणों/ कर्मचारियों के सराहनीय सहयोग से गर्भगृह के दोनों से लाइन चलवाकर कतारबद्ध तरीके से शीघ्र एवं सुगमतापूर्वक दर्शन करवाए गए।