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Ujjain News: मखाने की माला और भांग के श्रृंगार से सजे बाबा श्री महाकाल, भस्म आरती में दिए दिव्य दर्शन

Sat, 01 Aug 2026 07:42 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर शनिवार तड़के भस्म आरती संपन्न हुई। बाबा महाकाल का भांग और मखाने की माला से विशेष श्रृंगार किया गया, जिसके अलौकिक दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़े।
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भस्म आरती
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विस्तार
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श्रावण कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर आज शनिवार सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस दौरान भक्त देर रात से ही लाइन में लगकर अपने इष्टदेव बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। आज बाबा महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए सुबह 3 बजे जागे। उनका अलौकिक श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई। भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, जिससे पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के जयघोष से गुंजायमान हो गया।

श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर आज शनिवार सुबह 3 बजे भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटा बजाकर 'हरि ओम' का जल अर्पित किया गया।

पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य स्वरूप में श्रृंगार किया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया गया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। फिर झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के साथ भस्म आरती संपन्न हुई।

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आज के श्रृंगार की विशेषता यह रही कि बाबा महाकाल का भांग से विशेष श्रृंगार किया गया, जिसके बाद उनके मस्तक पर शिवलिंग की सुंदर आकृति उकेरी गई। साथ ही बाबा महाकाल को मखाने की माला पहनाकर भी उनका श्रृंगार किया गया। इन अलौकिक दर्शनों का लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

यह है आरती का समय
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- भस्म आरती सुबह 3 से 6 बजे तक
- दद्योदक आरती प्रात: 7 से 7:45 बजे तक
- भोग आरती प्रात: 10 से 10:45 बजे तक
- संध्या पूजन सायं 5 से 5:45 बजे तक
- संध्या आरती सायं 7:00 से 7:45 बजे
- शयन आरती रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
महाकालेश्वर मंदिर मे आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा।

 

 

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