पंडित महेश पुजारी
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दोनों पक्षों के बीच सार्थक हल निकालेंगे
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि मंदिर के दो पुजारी और एक संत के बीच विवाद की स्थिति बनी है। सूचना को गंभीरता से लेकर घटना की प्राथमिक जांच की जा रही है। जांच जारी है। दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। जल्द ही सार्थक हल निकाला जाएगा।
यह है विवाद का कारण
विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महंत महावीर नाथ ने आरोप लगाया है कि साधु अपनी जटाएं बांधकर रखने के लिए सिर पर फेटा (पगड़ी) बांध कर रखते हैं, लेकिन पुजारी महेश शर्मा ने उनके साथी महंत का फेटा उतरवाया और धक्का मुक्की की। दूसरी तरफ पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि बाबा महाकाल के सामने कोई सिर पर ताज तक पहनकर नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि महंत ने जबरन विवाद किया, श्रद्धालुओं के समक्ष धक्का-मुक्की की, गालियां बकीं और धमकी भी दी। विवाद के दौरान पुजारी शर्मा कथित तौर पर गिर भी गए थे।
संतों ने मांगा सीसीटीवी फुटेज
इस घटना के बाद मंदिर का माहौल गर्म हो गया। घटना के तुरंत बाद, महंत रामेश्वर दास आश्रम में सभी संत इकट्ठा हुए और पुजारी महेश शर्मा के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। भर्तहरि गुफा के गादीपति पीर महंत रामनाथ महाराज ने मंदिर प्रशासक कौशिक से सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की, ताकि यह पता चल सके कि विवाद किसने शुरू किया और किसने गालियां दीं। दूसरी ओर, सभी पुजारी पुरोहित भी पुजारी महेश शर्मा के पक्ष में एकजुट हो गए हैं।
सिर पर फेटा बांधने की बात पर शुरू हुआ विवाद
मामले में लिखित शिकायत भी की गई है।
पुजारी महेश शर्मा के समर्थक एकत्र हो गए।