उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय के शैक्षणिक परिसर में श्री महाकाल सांस्कृतिक वन बनेगा।
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मध्यप्रदेश के उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय के शैक्षणिक परिसर में श्री महाकाल सांस्कृतिक वन स्थापित करने की योजना पर इन दिनों कार्य किया जा रहा है। गुजरात की तर्ज पर इस नवविकसित वन से उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत, इतिहास आदि का संरक्षण होगा तथा अध्ययनरत विद्यार्थियों को जैवविविधता एवं पारिस्थितिक तंत्र के अध्ययन का अवसर प्राप्त होगा।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में 2004 में सांस्कृतिक वन की नींव रखी थी, अभी तक ऐसे 22 सांस्कृतिक वन बनाए जा चुके हैं, जिसमें गुजरात का रक्षा क्षेत्र, सांस्कृतिक वीरता एवं इतिहास का दर्शन समाहित है। इन्हीं महत्वपूर्ण तथ्यों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में सांस्कृतिक वन स्थापित करने के लिए पहल की जा रही है। उज्जैन में वन विभाग जिला उज्जैन एवं विक्रम विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास से श्री महाकाल सांस्कृतिक वन बनाया जाएगा।
6-7 हेक्टर में बनेगा सांस्कृतिक वन
विश्वविद्यालय शैक्षणिक परिसर में 6-7 हेक्टर क्षेत्र में सांस्कृतिक वन निर्मित किया जाएगा। कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय ने बताया कि वन विभाग का इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए विक्रम विश्वविद्यालय सहयोग करेगा। सांस्कृतिक वन द्वारा विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को जैव विविधता औषधीय एवं पुष्पीय पौधो के अध्ययन हेतु अवसर प्रदान होंगे। जिला वन मंडल अधिकारी उज्जैन डॉ. किरण बिसेन ने बताया कि इस सांस्कृतिक वन में उज्जैन जिले की सांस्कृतिक धरोहर, इतिहास एवं विशेषता के साथ-साथ नक्षत्र वाटिका, औषधीय एवं पुष्पीय पौधों के रोपण का विशेष ध्यान दिया जाएगा।