दत्त अखाड़ा क्षेत्र में शिप्रा तट पर बनी कृति।
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उज्जैन नगर निगम वैसे तो वेस्ट से वेल्थ के तहत शहर में कई कलाकृतियां बना चुका है, लेकिन इस बार शिव ज्योति अर्पणम् पर प्रज्ज्वलित 4.50 लाख दीपकों से ऐसी कलाकृति बनाई है कि वह दत्त अखाड़ा क्षेत्र में शिप्रा तट पर "जय श्री महाकाल" का संदेश दे रही है।
दत्त अखाड़ा घाट क्षेत्र में लगभग 4.50 लाख दीपकों को सहेजकर यह कलाकृति बनाई गई है। जय श्री महाकाल की यह 65 फीट लम्बी कलाकृति शिप्रा तट रामघाट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही शहरवासियों को भी लुभा रही है। इस कलाकृति का लोकार्पण महापौर मुकेश टटवाल, निगम कमिश्नर रोशन सिंह और निगम सभापति कलावती यादव के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया। इस कलाकृति को और भी आकर्षक बनाने के लिए आकर्षक लाइटिंग की जाएगी जिससे यह और भी खूबसूरत नजर आए।
वर्ल्ड रिकॉर्ड के दीपकों का हुआ सदुपयोग
महाशिवरात्रि पर्व 18 फरवरी 2023 को ज्योतिर्लिंग महाकाल की नगरी उज्जैन में पवित्र मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के तट पर 18 लाख 82 हज़ार 229 दीपक जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम ने ड्रोन से दीपकों की गिनती के बाद एक साथ प्रज्ज्वलित करने का विश्व रिकॉर्ड बनने की घोषणा उज्जैन के नाम की थी। संपूर्ण रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट, सुनहरी घाट, भूखी माता घाट, केदारेश्वर घाट पर दीपक लगाए गए थे। कार्यक्रम के बाद शेष दीपकों से कलाकृति बनाने की घोषणा की गई थी। दत्त अखाड़ा घाट क्षेत्र पर "शिव ज्योति अर्पणम्" उत्सव में उपयोग किए गए दीपकों से निर्मित 65 फीट लंबी और 8 फीट ऊंची यह कृति बनाई गई है। इसमें 4.50 लाख दीपकों का इस्तेमाल किया गया है।