फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Illegal Mining in Ujjain: एसडीएम और तहसीलदार की चार टीमों ने पकड़े मात्र तीन डंपर, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

Tue, 17 Jan 2023 07:35 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

मध्यप्रदेश के उज्जैन में कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर प्रशासनिक अमले द्वारा अलसुबह चार बजे अवैध रेत के परिवहन के खिलाफ छापामार कार्रवाई की गई। इसके लिए चार टीमें बनाई गई थीं, जो चार प्वाइंट पर मुस्तैद थीं। लेकिन अवैध रूप से परिवहन करते सिर्फ तीन डंपर को पकड़ा गया।
विज्ञापन
action on illegal mining - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उज्जैन में अवैध खनन और इसके परिवहन को रोकने की जिम्मेदारी वैसे तो खनिज विभाग की है, लेकिन मंगलवार अलसुबह चार बजे शहर में एक ऐसी कार्रवाई हुई जिसे पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारियों ने नहीं बल्कि एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कोटवार और होमगार्ड जवान सहित 60 लोगों की टीम द्वारा अंजाम दिया गया।

विज्ञापन


इस कार्रवाई में तीन डंपर पकड़े गए जो कि बिना रॉयल्टी और ओवरलोड होकर शहर में आ रहे थे। अलसुबह हुई यह कार्रवाई एसडीएम और उनकी टीम के लिए तो तारीफ की बात है, लेकिन साथ ही खनिज विभाग के कार्यों पर सवाल जरूर खड़े करती है कि अगर अवैध खनन और इसके परिवहन को रोकने के लिए भी अब कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम और उनकी टीम काम करेगी तो फिर ऐसे में खनिज विभाग और इनके अधिकारियों का जिले में आखिर क्या काम रह जाएगा।

खनिज विभाग तक क्यों नहीं पहुंची शिकायत
बताया जाता है कि आज सुबह जिला प्रशासन ने नसरुल्लागंज से उज्जैन आ रहे तीन डंपर को ओवरलोड और एक डंपर को बिना रॉयल्टी के पकड़ते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के पीछे एसडीएम राकेश शर्मा का कहना है कि काफी समय से अवैध खनन की शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।
विज्ञापन


भले ही एसडीएम कार्रवाई को कलेक्टर के निर्देश पर करने की बात कर रहे हों लेकिन अगर शिकायत अवैध खनन की थी तो फिर कलेक्टर ने इस कार्रवाई से खनिज विभाग और पुलिस को दूर क्यों रखा। जबकि अवैध खनन और इसके परिवहन को रोकने की जिम्मेदारी के लिए ही जिले में खनिज विभाग बना हुआ है। खनिज विभाग के अधिकारियों से इस पूरी कार्रवाई को छिपाना कहीं न कहीं इस ओर इशारा कर रहा है कि पूरी कार्रवाई में कुछ तो गड़बड़ जरूर है।

चार प्वाइंट पर तैनात था जिला प्रशासन
कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर एसडीएम राकेश शर्मा के नेतृत्व में तहसीलदार मधुनायक, प्रियंका मिमरोट, अनिल मोरे, लोकेश चौहान राजस्व निरीक्षक आदर्श कुमार जामगड़े सहित 20 पटवारी, छह कोटवारों और 15 होम गार्ड के जवानों के अमले द्वारा अलसुबह चार बजे अवैध रेत के परिवहन के खिलाफ छापामार कार्रवाई की गई। इसके लिए चार टीम बनाई गई थी, जो चार प्वाइंट पर मुस्तैद थी। सर्द रात में अवैध रूप से परिवहन करते तीन डंपर को पकड़ा। इसमें 16 घन मीटर रेत की रॉयल्टी थी, लेकिन माल 22 घन मीटर मिला है। तीनों डंपर को जब्त कर नागझिरी थाने में खड़ा करवा दिया गया।

कहीं कमीशन के चक्कर में तो नहीं हो गई कार्रवाई 
सूत्रों का कहना है कि इन दिनों संभाग में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो कि इस तरह की झूठी शिकायतें करता है और फिर शहर में डंपर की इंट्री पर प्रति डंपर 3000 से 5000 वसूलता है। जो भी डंपर चालक इस गिरोह को यह राशि देने मे आनाकानी करता है, फिर उसके खिलाफ इसी तरह की शिकायत की जाती है। कुछ दिनों पूर्व देवास, शाजापुर, रतलाम में भी इसी प्रकार की कार्रवाई हो चुकी है।  जिला प्रशासन की इस कार्रवाई पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि अगर अवैध खनन की शिकायत इतनी ही गंभीर थी तो फिर सुबह हुई कार्रवाई में ऐसा कुछ क्यों नहीं मिला।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें