पं. चंदन श्याम नारायण व्यास गादीपति, बाबा गुमानदेव हनुमान गढ़ी
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मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि इस बार खास रहने वाला है। इस वर्ष नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलेगी। इसी दिन विजयादशमी यानी दशहरा भी मनाया जाएगा। बाबा गुमानदेव हनुमान गढ़ी के गादीपति पं. चंदन श्याम नारायण व्यास के अनुसार इस बार तिथि वृद्धि के कारण नवरात्रि 10 दिनों की होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा जिसे सुख-समृद्धि और व्यापार में वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है और गरबा मंडलों में भी तैयारियां तेज हो गई हैं।
घटस्थापना के लिए ये हैं शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के पहले दिन रविवार, 11 अक्टूबर को घटस्थापना और अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित की जाएगी। पं. चंदन श्याम नारायण व्यास के अनुसार श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार विभिन्न चौघड़िया मुहूर्तों में कलश स्थापना कर सकते हैं। ये हैं शुभ मुहूर्त
- सुबह 7:49 से 9:17 बजे तक - चल चौघड़िया
- सुबह 9:18 से 10:45 बजे तक - लाभ चौघड़िया
- सुबह 10:46 से दोपहर 12:13 बजे तक - अमृत चौघड़िया
- दोपहर 1:41 से 3:09 बजे तक - शुभ चौघड़िया
- शाम 6:05 से 7:37 बजे तक - शुभ चौघड़िया
- शाम 7:37 से रात 9:09 बजे तक - अमृत चौघड़िया
- रात 9:10 से 9:31 बजे तक - चल चौघड़िया
पं. व्यास के मुताबिक प्रतिपदा तिथि शनिवार रात 9:21 बजे से शुरू होकर रविवार रात 9:31 बजे तक रहेगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करने की सलाह दी गई है।
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हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार मां दुर्गा का वाहन हाथी होगा। इसे शुभता, सुख-समृद्धि और व्यापार में वृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे। घरों और मंदिरों में घटस्थापना के साथ अखंड ज्योत प्रज्वलित करने की भी परंपरा निभाई जाएगी।
बाजारों में लौटी रौनक
नवरात्रि के करीब आते ही उज्जैन के बाजारों में चहल-पहल बढ़ने लगी है। पूजा सामग्री, माता की प्रतिमाओं और सजावट से जुड़ी वस्तुओं की दुकानें सज गई हैं। गरबा मंडलों ने भी आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर में पारंपरिक गरबा के साथ डीजे और फिल्मी गीतों पर आधारित आयोजनों की भी तैयारी है। देर शाम शुरू होने वाले गरबा कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। नवरात्रि के दौरान दिन में व्रत-उपवास और पूजा-अर्चना होगी, जबकि शाम होते ही गरबा और उत्सव का माहौल बनेगा।
इस तरह धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का संगम एक बार फिर उज्जैन में देखने को मिलेगा। श्रद्धालु घटस्थापना के शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं, वहीं गरबा मंडलों और बाजारों में अंतिम तैयारियां की जा रही हैं।