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सौगात: उज्जैन में बनेगा भव्य गढ़कालिका लोक, महाकाल लोक की तरह होगा आधुनिक और सुविधाओं से लैस

Sun, 11 Oct 2026 09:42 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन विकास प्राधिकरण गढ़कालिका माता मंदिर परिसर को 18.50 करोड़ रुपये की लागत से गढ़कालिका लोक के रूप में विकसित करेगा। करीब डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी हो चुका है। योजना में प्रवेश व्यवस्था, श्रद्धालुओं की कतार और पार्किंग सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। 
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मां गढकालिका
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विस्तार
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महाकाल लोक के बाद अब माता मंदिरों में उज्जैन विकास प्राधिकरण सबसे बड़ा प्रोजेक्ट गढ़कालिका माता मंदिर पर करने जा रहा है। नवरात्रि पर माता के भक्तों के लिए इससे बड़ी खुशखबरी नहीं हो सकती। शहर के माता मंदिरों में से एक गढ़कालिका माता मंदिर परिसर को 18.50 करोड़ रुपये की लागत से गढ़कालिका लोक के रूप में विकसित किया जाएगा। यह लोक पूरी तरह महाकाल लोक की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से ओतप्रोत होगा। उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। तकनीकी बिड खुलना बाकी है, जिसके बाद एजेंसी तय होते ही काम जमीन पर उतर जाएगा। संभावना है कि इस नवरात्रि के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन पर यह भव्य लोक आकार लेगा।

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कैसे बदलेगा पूरा परिसर
अभी तक मंदिर में प्रवेश का मुख्य द्वार मुख्य रोड पर है, जो काफी संकरा है। लोक बनने के बाद पूरा नजारा ही बदल जाएगा। बताया जाता है कि वर्तमान मुख्य द्वार को अब वीआईपी एंट्री बनाया जाएगा और उसके सामने वीआईपी पार्किंग विकसित होगी। जबकि आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश अब ओखलेश्वर रोड की तरफ से पश्चिम दिशा में करीब 9 मीटर दूर से होगा। यहां जिगजैग सिस्टम से भक्त कतार में प्रवेश कर सकेंगे, जिससे भीड़ का दबाव नहीं होगा। मंदिर के सामने वाली रोड और ओखलेश्वर श्मशान होते हुए कालभैरव की ओर जाने वाली रोड का चौड़ीकरण कर फोरलेन किया जा रहा है।
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क्यों खास है गढ़कालिका मंदिर
यह मंदिर सिर्फ उज्जैन ही नहीं, देशभर के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। मान्यता है कि महाकवि कालिदास ने इसी मंदिर में मां कालिका की आराधना कर दिव्य ज्ञान प्राप्त किया था। उज्जैन में कालिदास समारोह की शुरुआत आज भी इसी मंदिर में पूजा-अर्चना से होती है। 6वीं शताब्दी में राजा हर्षवर्धन ने इसका जीर्णोद्धार कराया था और वर्तमान स्वरूप ग्वालियर के महाराजा ने बनवाया था। यह स्थान तांत्रिकों और साधना करने वालों के लिए विशेष रूप से सिद्ध माना जाता है।

 

 

 

मां गढकालिका का दरबार

 

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