विनोद मिल श्रमिकों को कोर्ट के आदेश पर लाभांश राशि का भुगतान किया जा रहा है। इसके तहत मिल मजदूर श्रमिक संघ इंटक उज्जैन के पदाधिकारियों ने मजदूरों से दस्तावेज सत्यापन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की है। इसकी शिकायत के बाद पुलिस ने संघ के अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष पर केस दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि चार मार्च को महेश पिता प्रहलाद सिंह यादव, उम्र-71 वर्ष, ने मिल मजदूर श्रमिक संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश भदौरिया और कोषाध्यक्ष संतोष सुनहरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दिया था। इसमें श्रमिक राजूबाई, कमलकिशोर, रफिक मोहम्मद, भागवत, सुधीर कुमार, शांतिलाल, ताहिर हुसैन सहित 18 लोगों के हस्ताक्षर थे। इन लोगों ने आवेदन में आरोप लगाया था कि मिल मजदूर श्रमिक संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश भदौरिया और कोषाध्यक्ष संतोष सुनहरे ने कोर्ट के आदेश पर मिलने वाले लाभांश राशि के भुगतान हेतु श्रमिकों के दस्तावेज सत्यापन के नाम पर 15 से 22 हजार रुपये की अवैध वसूली की। रुपये नहीं देने पर उक्त लोग धमकी देते थे कि दस्तावेज सत्यापन नहीं हुए तो ग्रेज्युटी, बोनस और पगार की राशि का भुगतान भी नहीं होगा। अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष द्वारा श्रमिकों को आठ से 16 हजार रुपये तक की रसीद भी दी गई लेकिन वसूली की राशि संघ में जमा नहीं कराई। पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ धारा 384, 34 के तहत केस दर्ज किया है।
रुपये नहीं देने पर रोक लिए जाते थे दस्तावेज
पुलिस ने बताया कि लाभांश के लिए पात्र मिल श्रमिकों के दस्तावेज जांच के बाद परिसमापक इंदौर को भेजे जा रहे ते। जो लोग अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष को मुंहमांगी राशि दे रहे थे, उनके दस्तावेज ही सत्यापित हुए। जिन लोगों ने रुपये नहीं दिए, उनके दस्तावेज रोक लिए जाते थे।