क्षिप्रा ढाबे के किराए को लेकर विवाद।
उज्जैन के पूर्व कांग्रेस पार्षद गुड्डू कलीम की हत्या के बाद भी प्रॉपर्टी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब इंदौर रोड स्थित क्षिप्रा ढाबे के किराए को लेकर नया विवाद सामने आया है। गुड्डू कलीम के जेल में बंद बेटों ने ढाबा संचालक को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि ढाबे का किराया उनके द्वारा भेजे गए व्यक्ति को ही दिया जाए।
अब तक यह किराया गुड्डू कलीम खुद वसूलते थे, लेकिन उनकी हत्या के बाद किराया वसूली का काम उनके किसी रिश्तेदार ने संभाल लिया। यह बात जब जेल में बंद उनके बेटों को पता चली, तो उन्होंने ढाबा संचालक को निर्देश दिया कि वह किराया उनके भेजे गए व्यक्ति को ही दे।
गुड्डू कलीम की प्रॉपर्टी और किराए का विवाद
इंदौर रोड स्थित क्षिप्रा ढाबा गुड्डू कलीम की सबसे पुरानी संपत्ति मानी जाती है। पहले यह ढाबा वे खुद संचालित करते थे, लेकिन कारोबार बढ़ने पर उन्होंने इसका संचालन किसी और को सौंप दिया। इसके बाद वह केवल किराया वसूलते थे। उनकी हत्या के बाद उनके करीबी रिश्तेदारों ने ढाबे का किराया वसूलना शुरू कर दिया। गुड्डू के जेल में बंद बेटों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने जेल से ही संदेश भिजवाकर ढाबा संचालक को चेतावनी दी कि किराया उनके द्वारा भेजे गए व्यक्ति को ही दिया जाए।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
गुड्डू कलीम की हत्या के बाद पुलिस ने उनकी लगभग सभी संपत्तियों को सील कर दिया था, जिनमें उनकी होटल प्रेसिडेंट और ब्लूस्टार शामिल हैं। हालांकि, क्षिप्रा ढाबे को सील नहीं किया गया था, क्योंकि इसका संचालन किसी और के हाथ में है। अब इस नए विवाद के सामने आने के बाद संभावना है कि पुलिस क्षिप्रा ढाबे को भी सील करने की कार्रवाई कर सकती है। गुड्डू कलीम की हत्या और प्रॉपर्टी विवादों के चलते उनके पारिवारिक और व्यावसायिक संबंध लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं।
पूर्व पार्षद गुड्डू कलीम