कालों के काल बाबा महाकाल रविवार को भस्म आरती के दौरान भांग से शृंगारित हुए। बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया। इस दौरान बाबा महाकाल को फूलों की माला अर्पित की गई।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पौष माह माघ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रविवार पर बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी आदि पंचामृत से स्नान कराया गया और प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का पूजन सामग्री से आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया। इसे देखकर भक्त बाबा महाकाल की भक्ति में लीन हो गए और जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे। बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई।
दृष्टीबाधितजनों ने किए बाबा महाकाल के दर्शन
श्री महाकालेश्वर मंदिर में राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ की उपशाखा इंदौर से 100 से 150 दृष्टिबाधित जन श्री महाकालेश्वर मंदिर में इंदौर से श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन हेतु आए। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा सभी के दर्शन की सुलभ व सुगमतापूर्वक भगवान महाकाल के दर्शन की व्यवस्था की गई। प्रोटोकॉल प्रभारी चंद्रप्रकाश शर्मा द्वारा सभी का अभिवादन व स्वागत किया गया। ज्ञात हो कि सशक्तिकरण हेतु 9 फरवरी 2025 को एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन रखा गया है। इसमें देशभर के 100-150 दृष्टिबाधित भाग लेंगे। इसी कड़ी में वे श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन के लिए आए थे।
पहले रमाई भस्म फिर लगा मिष्ठान का भोग, आज भस्म आरती मे कुछ निराले स्वरूप मे सजे बाबा महाकाल
पहले रमाई भस्म फिर लगा मिष्ठान का भोग, आज भस्म आरती मे कुछ निराले स्वरूप मे सजे बाबा महाकाल
पहले रमाई भस्म फिर लगा मिष्ठान का भोग, आज भस्म आरती मे कुछ निराले स्वरूप मे सजे बाबा महाकाल