शिप्रा नदी के शुद्धिकरण पर ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि सिंहस्थ का सारा दारोमदार शिप्रा नदी पर ही टिका है। देश-विदेश से श्रद्धालु शिप्रा मे स्नान करने आते हैं। अत: शिप्रा का जल निर्मल एवं आचमन योग्य हो। यह बात प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने उज्जैन से सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कही। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर एवं उज्जैन संभाग के सभी कलेक्टर्स जुड़े थे।
डॉ. राजौरा ने इंदौर एवं उज्जैन संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर से कहा कि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालु भारी संख्या में आते हैं। उज्जैन के पश्चात वे खंडवा, महेश्वर, ममलेश्वर, पशुपतिनाथ मंदिर, बगलामुखी मंदिर जाते हैं। अत: सभी श्रद्धालुओं के लिए सभी सुविधाएं इन जिलों में भी मुहैया हों, इसके लिए अभी से सड़क, पुल, पुलिया, पेयजल, छाया, रुकने के लिए आश्रय स्थल, पार्किंग आदि की व्यवस्थाएं ठीक की जाएं। डॉ. राजौरा ने कहा कि उज्जैन एवं उज्जैन के आसपास के जिलों में प्रचुर मात्रा में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहरें हैं। उन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता है। अत: सभी सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण किया जाए एवं जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है उसका पुनर्निर्माण किया जाए।
डॉ. राजौरा ने कहा कि सिंहस्थ के लिए सभी घाटों, चौराहों पर सौंदर्यीकरण के जो कार्य किए जाएंगे, वे कार्य स्थाई हों और आगामी बारह वर्ष तक चलें। इस दौरान उज्जैन संभागायुक्त डॉ. संजय गोयल, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, सीईओ जिला पंचायत मृणाल मीना, आयुक्त नगर निगम आशीष पाठक, सीईओ यूडीए संदीप सोनी सहित निर्माण विभाग के अधिकारीगण एवं वीसी के माध्यम से इंदौर एवं उज्जैन संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने बताया यह होंगे सिंहस्थ के पहले निर्माण कार्य
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ के मास्टर प्लान में सड़क एवं घाटों की कनेक्टिविटी, प्रमुख मंदिरों में आने-जाने के लिए कनेक्टिविटी, सौंदर्यीकरण, पार्किंग मुख्य कार्य है, जो प्राथमिकता से किए जाएंगे। विभिन्न अखाड़ों से बात कर धर्मशाला बनाने एवं 28 किलोमीटर तक शनि मंदिर से बड़नगर तक जहां घाट नहीं है, वहां घाट निर्माण के कार्य किए जाएंगे। बताया गया कि शिप्रा पर पुल निर्माण सदावल में हेलीपेड का निर्माण, चौरासी महादेव पर लैंड स्केपिंग, प्रवचन हॉल, कालभैरव एवं मंगलनाथ मन्दिर में अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा लड्डू प्रसाद यूनिट को महाकाल मंदिर के निकट ही स्थापित किया जाएगा। हरसिद्धि मंदिर, चिंतामन गणेश मंदिर का विकास भी किया जाएगा। कर्कराज मंदिर में पार्किंग का प्रस्ताव भी शासन को भेजा जाएगा।