उज्जैन के भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर में 17 सितंबर को परम पूज्य भक्ति चारु स्वामी महाराज का आविर्भाव दिवस मनाया गया। इस आयोजन में जापान, अमेरिका, मलेशिया, मॉरीशस, बेल्जियम, यूके, सिंगापुर और यूरोप के अन्य देशों से 100 से अधिक भक्तों ने भाग लिया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रभुपाद के शिष्यों के संस्मरण साझा किए गए।
उज्जैन भरतपुरी स्थित इस्कॉन में देश विदेश से 100 भक्तों का आगमन हो गया है। 17 सितंबर को देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में भक्तों की अगुवाई में परम पूज्य भक्ति चारु स्वामी महाराज का आविर्भाव दिवस मनाया जाएगा। पीआरओ राघव पंडित दास के अनुसार भक्तों में मुख्यतः 'जापान, अमेरिका, मॉरीशस, मलेशिया, बेल्जियम, यूके, सिंगापुर और यूरोप के अन्य देशों से आगमन हुआ है। कार्यक्रम ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा।
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कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रभुपाद के शिष्य के संस्मरण सुनाए। दिन में सुरभि माताजी कैवल्य प्रभु, शमिक ऋषि प्रभु, वासु घोष प्रभु ने और भक्ति जीव व्रजानंद स्वामीजी महाराज ने उनकी महिमा बताई। श्रीकृष्णा चैतन्य स्वामीजी महाराज ने भी प्रभुपादजी की महिमा का गान किया। इस अवसर पर धर्मस्व विभाग के संचालक और उज्जैन के संभागायुक्त संजय गुप्ता ने भी पुष्प सुमन प्रभुपाद को अर्पित किए। सुबह एक दीक्षा अनुष्ठान किया गया। इसमें लगभग 101 भक्तों को परम पूज्य भक्ति प्रेम स्वामीजी महाराज ने दीक्षा प्रदान की। दीक्षा के महत्व पर परम पूज्य चंद्रमौली स्वामीजी महाराज ने बताया।