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Ujjain News: सरपंच से मांगी 45 हजार की रिश्वत, तीस हजार लेते शिकंजे में आया पंचायत सचिव, रंगेहाथों गिरफ्तार

Tue, 17 Mar 2026 12:16 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन के तराना तहसील में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। लोकायुक्त टीम ने ग्राम पंचायत बोरदा मांडा के पंचायत सचिव को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इस मामले में एक ठेकेदार को भी आरोपी बनाया गया है।
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रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार पंचायत सचिव और ठेकेदार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों की राशि स्वीकृत करने के बदले रिश्वत मांगने वाले पंचायत सचिव को लोकायुक्त पुलिस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। सचिव पहले ही 15 हजार रुपये ले चुका था और कुल 45 हजार रुपये की मांग कर रहा था। इस मामले में एक ठेकेदार को भी आरोपी बनाया गया है।

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जानकारी के अनुसार 12 मार्च को तराना तहसील के ग्राम बोरदा मांडा के सरपंच राजेश चतुर्वेदी ने लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों की राशि स्वीकृत करने के लिए पंचायत सचिव दरबारसिंह राठौड़ उनसे 45 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत में यह भी बताया गया कि सचिव पहले ही 15 हजार रुपये ले चुका है और शेष 30 हजार रुपये की और मांग कर रहा है।

शिकायत का सत्यापन निरीक्षक दीपक शेजवार को सौंपा गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद पंचायत सचिव को रंगेहाथ पकड़ने के लिए योजना बनाई गई। उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक के नेतृत्व में निरीक्षक दीपक शेजवार, आरक्षक श्याम शर्मा, संजीव कुमारिया, इसरार, सहायक ग्रेड-3 रमेश डाबर सहित करीब 10 सदस्यों की टीम गठित की गई।
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योजना के अनुसार सरपंच राजेश चतुर्वेदी को रिश्वत की शेष राशि 30 हजार रुपये देकर ग्राम पंचायत कार्यालय बोरदा मांडा भेजा गया। पंचायत सचिव दरबारसिंह राठौड़ सरपंच की कार (एमपी 09 सीएच 5873) में बैठकर कायथा थाने के पास सड़क तक आया। इसी दौरान उसने कार में ही रिश्वत की राशि ली और अपने साथी ठेकेदार कमल बंजारा को दे दी।

जैसे ही रिश्वत का लेनदेन हुआ, पहले से निगरानी कर रही लोकायुक्त टीम मौके पर पहुंच गई और दोनों को पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत के रूप में लिए गए 30 हजार रुपये भी जब्त कर लिए। निरीक्षक दीपक शेजवार ने बताया कि पंचायत सचिव दरबारसिंह राठौड़ के साथ ठेकेदार कमल बंजारा के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
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रिश्वत लेने की पुष्टि के लिए दोनों के हाथ धुलवाए गए, जिसमें रिश्वत का रंग सामने आया। पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लोकायुक्त की ओर से संबंधित विभाग को पत्र भी लिखा जाएगा। लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जल्द पूरी कर विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाएगा।

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