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MP News: टीईटी अनिवार्यता पर सांसद का केंद्र से पुनर्विचार का अनुरोध, पुराने शिक्षकों को नियम से मिले छूट

Tue, 17 Mar 2026 12:02 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश में टीईटी अनिवार्यता को लेकर भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने केन्द्र को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि इस नियम से पुराने शिक्षकों को छूट मिलनी चाहिए। केन्द्र को इस मसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। 
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नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किए जाने के मामले में नर्मदापुरम (होशंगाबाद) से सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने  केंद्र सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। सांसद ने इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर कहा है कि टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जानी चाहिए। उनका कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे हैं। उनकी नियुक्ति उस समय की वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुई थी।
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सांसद ने कहा है कि करीब डेढ़ लाख शिक्षक पिछले दो से ढाई दशकों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। टीईटी को अनिवार्य करने पर उनका भविष्य संकट में आ सकता है।  ये शिक्षा व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि यदि आवश्यक हो तो राइट टू एजुकेशन एक्ट में संशोधन करके पुराने शिक्षकों को इस नियम से छूट दी जा सकती है। उनका मानना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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इस मुद्दे पर पहले भी पूर्व विधायक मुरलीधर पाटीदार ने पत्र लिखकर आदेश वापस लेने की मांग की थी। अब सांसद ने स्पष्ट किया है कि इसका  जल्द समाधान होना चाहिए नहीं तो शिक्षक वर्ग बड़ा विरोध कर सकता है। उन्होंने संकेत दिए है कि वे ऐसी स्थिति में शिक्षकों के समर्थन में रहेंगे।
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