अंगारेश्वर महादेव मंदिर उज्जैन
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मंगलवार का दिन कई संयोगों के साथ आया। वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानी मासिक शिवरात्रि तो दूसरी ओर सर्वार्थसिद्धि इंद्र योग। इस महासंयोग पर 84 महादेवों में से एक श्री अंगारेश्वर महादेव के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ा। मंदिर में मंगलवार को श्री अंगारेश्वर का पूजन-अर्चन करने का विशेष महत्व है। महासंयोग के कारण हजारों श्रद्धालु मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों से भी मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान का पूजन-अर्चन किया।
श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पंडित रोहित उपाध्याय ने बताया कि मंगलवार का दिन कई संयोगों को लाया है। हिंदू पंचाग के मुताबिक प्रत्येक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दर्शी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाने का विधान है मंगलवार को वैशाख कृष्ण चतुर्दशी तिथि थी। इस वजह से शिव चतुर्दशी पर हजारों श्रद्धालु श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान का पूजन-अर्चन किया। मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से साधक पर भगवान भोलेनाथ की कृपा बरसती है। उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन भगवान शिव के साथ समूचे शिव परिवार की उपासना की जाती है। इससे उत्तम फल की प्राप्ति होती है। वैशाख कृष्ण चतुर्दशी तिथि को सर्वार्थसिद्धि और इंद्र योग का शुभ संयोग भी है। ऐसे में मासिक शिवरात्रि की पूजा विशेष फलदायी होती है । सर्वार्थ सिद्धि योग 18 अप्रैल 2023 मंगलवार को सुबह 5:53 से प्रारंभ हुआ और 19 अप्रैल 2023 को प्रात: 1:01 तक रहेगा। इंद्र योग 17 अप्रैल सोमवार रात 9:07 से शुरू होकर 18 अप्रैल मंगलवार को शाम 6:10 तक रहा।
अंगारेश्वर का दर्शन करने से होता है मंगल दोष दूर
उज्जैन के 84 महादेवों में शामिल अंगारेश्वर महादेव मंदिर का स्कंद पुराण के अवंतिका खंड में उल्लेख है। पंडित मनीष उपाध्याय के मुताबिक मान्यता है कि यहां दर्शन करने मात्र से मंगल दोष दूर होते हैं। इसके अलावा मंगलवार को पूजन करने पर कार्य में रुकावट खत्म होती है। दूर-दूर से श्रद्धालु मंगलवार को दर्शन करने के लिए आते हैं। मंगल के दोषों से मुक्ति पाते हैं। भगवान अंगारेश्वर महादेव मंदिर मे भात पूजा का विशेष महत्व है। भात पूजा से कोर्ट-कचहरी के बिगड़े काम भी बन जाते हैं। संपत्ति संबंधी कार्यों में भी सफलता मिलती है। अंगारेश्वर मंदिर में राजनेता भी नियमित रूप से पूजा करने के लिए आते हैं।