बुलेट पर जाते उज्जैन कलेक्टर और एसपी।
धार्मिक नगरी उज्जैन में 118 किलोमीटर की पंचकोशी यात्रा आगामी 23 अप्रैल से शुरू होने वाली है। आस्था की इस यात्रा में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों का दल यात्रा के पड़ाव स्थलों का निरीक्षण करने पहुंचा। यात्रा की व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे, इसलिए कलेक्टर नीरज कुमार सिंह और उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बुलेट पर सवार होकर यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान वे त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि 23 अप्रैल से पंचकोशी यात्रा की शुरुआत होने वाली है, जिसे लेकर सभी अधिकारी पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के भ्रमण पर निकले हैं। यह यात्रा आस्था की यात्रा है, जो पांच दिनों तक चलती है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर संभव व्यवस्था की जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि उन्होंने त्रिवेणी शनि मंदिर पर यात्रा की तैयारियों का निरीक्षण किया है। साथ ही अधिकारियों के साथ मिलकर अन्य पड़ाव स्थलों का भी जायजा लिया।
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उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि 118 किलोमीटर की यह यात्रा गर्मी के मौसम में काफी कठिन होती है, क्योंकि श्रद्धालु इसे पैदल पूरा करते हैं। इस दौरान कई पड़ाव स्थल आते हैं, जहां पुलिस की मुस्तैदी के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखना होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम यात्रा के सभी पड़ावों का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर इंतजाम किए जा सकें।
बाइक से निरीक्षण, ताकि कोई कमी न छूटे
उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस कारण बुलेट पर बैठकर यात्रा मार्ग का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। बाइक से निरीक्षण करने पर यात्रियों को आने वाली छोटी-छोटी समस्याओं की जानकारी बेहतर तरीके से मिलती है। अधिकारियों को सभी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए।
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यात्रा के लिए पहले ही सौंपे जा चुके हैं प्रभार
बता दें कि कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने दो दिन पहले ही अधिकारियों को यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं को लेकर निर्देशित कर दिया था। लोक निर्माण विभाग को यात्रा के पड़ाव और उप-पड़ाव स्थलों के समतलीकरण का कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्देश दिए गए...
- रास्ते में आने वाली झाड़ियों को हटाया जाएगा।
- यात्रा मार्ग में आने वाले मंदिरों के पास बैरिकेटिंग की व्यवस्था की जाएगी।
- पिंग्लेश्वर रेलवे पुलिया के नीचे मुरम डालकर रोलिंग कराई जाएगी।
- जैथल से उंडासा मार्ग पर आगर रोड पर डिवाइडर बनाकर श्रद्धालुओं के लिए पृथक मार्ग की व्यवस्था की जाएगी।
- मक्सी रोड क्रॉसिंग पर दुर्घटना न हो, इसके लिए पुलिया पर रेलिंग लगवाई जाएगी।
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।
- कालियादेह उप-पड़ाव स्थल पर 52 कुंडों में पानी के स्तर को ठीक कराया जाएगा।
- मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रत्येक पड़ाव स्थल पर बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।
- उज्जैन दुग्ध संघ द्वारा प्रत्येक पड़ाव/उप-पड़ाव स्थल पर सांची आउटलेट लगाए जाएंगे, जहां पर्याप्त मात्रा में दूध एवं दूध से निर्मित सामग्री उपलब्ध होगी।
- प्रत्येक पड़ाव पर दो-दो ठंडे पेयजल टैंकर की व्यवस्था की जाएगी।
- नगर पालिक निगम नागचंद्रेश्वर मंदिर पर सीसीटीवी कैमरे लगवाकर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दर्शन की व्यवस्था करेगा।
- हर पड़ाव पर दो फायर ब्रिगेड वाहन तैनात रहेंगे।
- यात्रा के दौरान पड़ाव स्थलों पर मच्छररोधी फॉगिंग की जाएगी।
कलेक्टर एसपी के निरीक्षण की तसवीरें...