भाजपा कार्यकर्ताओं का काम समय सीमा में नहीं करने से नाराज भाजपा के मंडल अध्यक्ष और जिला महामंत्री ने नायब तहसीलदार के रीडर को कार्यालय के बाहर बुलाकर उसकी लात घूंसों से पिटाई कर दी थी। इस मामले में उस समय जमकर बखेरा खड़ा हुआ, जब कर्मचारियों और पटवारियों ने मारपीट के विरोध में काम बंद हड़ताल कर दी थी। काम बंद हड़ताल के साथ ही इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के लिए तराना थाने पर कर्मचारियों ने नाहरसिंह,पप्पूसिंह के खिलाफ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की, वहीं कि भाजपा नेताओं ने भी कर्मचारियों के खिलाफ थाने में शिकायत की थी। इस पूरे मामले में एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों ने आवेदन दिए हैं। जांच के बाद कार्रवाई करेंगे।
जानिए क्या है मामला
माकड़ौन थाने पर तहसील कार्यालय के रीडर सुनील परमार ने शिकायती आवेदन देकर बताया कि वह कार्यालय में काम कर रहा था, उसी दौरान भाजपा नेता नाहरसिंह ने उसे बाहर बुलाया और गालियां देकर मारना शुरू कर दिया।
नायब तहसीलदार से बात न करवाने से नाराज थे भाजपाई
भाजपा मंडल अध्यक्ष पप्पूसिंह ने माकड़ौन की नायब तहसीलदार रपकला परमार से बात करवाने के लिए उनके रीडर सुनील परमार को कहा था। वह एक वसीयत नामांतरण के संबंध में बात करना चाहते थे। परमार ने बात से पहले ही नामांतरण आवेदन निरस्त कर दिया। इससे आक्रोशित होकर पप्पू सिंह, जिला महामंत्री नाहरसिंह करीब 10 लोगों के साथ नायब तहसीलदार के कार्यालय पहुंचे और रीडर सुनील को बाहर बुलाकर लात-घूंसों से पीट दिया।
जांच के बाद होगी कार्रवाई - परमार
मामले में नायाब तहसीलदार परमार ने बताया कि वसीयत नामांतरण वह पहले ही निरस्त कर चुकी हैं। घटना के समय वह दौरे पर थी। रीडर के साथ मारपीट व कर्मचारियों के काम बंद करने की सूचना एसडीएम को दे दी गई है।