अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूर्ण होने पर बडऩगर में विशाल उत्सव का आयोजन हुआ। इस अवसर पर नगर और आसपास के गांवों से आई प्रभात फेरियों ने बडऩगर को राममय बना दिया। 3 किलोमीटर लंबे मार्ग पर प्रभात फेरी निकली, जहां जय-जय श्रीराम के उद्घोष और झांझ-मंजीरों की धुन पर भजन-कीर्तन गूंजे। नगरवासियों और धार्मिक मंडलों ने प्रभात फेरी के सदस्यों का पुष्पवर्षा और मंचीय अभिनंदन से स्वागत किया।
सामूहिक आयोजन की अनूठी तैयारी
बडऩगर प्रभात फेरी भक्त मंडल द्वारा इस आयोजन की तैयारियां की गईं। गांव-गांव जाकर भक्त मंडल के सदस्यों को प्रभात फेरी संगम में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। नगर में प्रतिदिन निकलने वाली प्रभात फेरियों के माध्यम से भी सामूहिक संगम का संदेश पहुंचाया गया। ग्रामीण क्षेत्र से सैकड़ों प्रभात फेरी मंडल के हजारों भक्त इस आयोजन में शामिल हुए। आमंत्रण की अनूठी परंपरा के तहत घर-घर जाकर चावल देकर कार्यक्रम में भाग लेने का अनुरोध किया गया।
स्वागत और सम्मान का आयोजन
स्वामी नारायण संप्रदाय के दिव्य स्वरूप स्वामी और अमृतनिधि स्वामी (कुक्षी) के सान्निध्य में प्रभात फेरियों के मंडलों का सम्मान किया गया। स्वामीजी ने हर मंडल को रामलला की तस्वीर और दुपट्टा भेंटकर सम्मानित किया। विधायक जितेंद्र सिंह पंड्या ने भी स्वामीजी का सम्मान किया।
कड़ाके की ठंड में भक्तों का उत्साह
कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह-सुबह भक्त अपने वाहनों से बडऩगर पहुंचे। पुरुष, महिलाएं, बच्चे और वृद्ध प्रभात फेरी में शामिल हुए। हनुमानजी के वेश में भक्त और श्रीराम, राधा-कृष्ण की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। आरती के बाद अश्व पर सवार नन्हा बालक केसरिया ध्वज लहराते हुए सबसे आगे चल रहा था। भक्त झांझ-मंजीरों की धुन पर कीर्तन करते हुए आगे बढ़े। रामभजनों पर थिरकती युवतियों और आतिशबाजी से माहौल जीवंत हो गया।
प्रमुख गणमान्यजन की उपस्थिति
इस आयोजन में विधायक जितेंद्र सिंह पंड्या, पूर्व विधायक शांतिलाल धबाई, मुरली मोरवाल, अजबसिंह देवड़ा, भाजपा नगर अध्यक्ष नवीन राठौड़, गायत्री परिवार के सुभाष गुप्ते, उमाशंकर मेहता सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। भक्तों ने सामूहिक संगम के माध्यम से अपने श्रद्धा और भक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
बडऩगर बना अयोध्या नगरी, प्रभातफेरियों के संगम में उमड़ा भक्तों का हुजूम