उज्जैन में बड़नगर विधानसभा के साल 1990 से लेकर अब तक कुल 33 वर्षों के रिकॉर्ड से लगती है, जिसमें अब तक कुल तीन बार कांग्रेस को विजय श्री हासिल हुई है। वहीं, कुल चार बार बीजेपी के प्रत्याशी बड़नगर से जीत हासिल कर चुके हैं। बड़नगर विधानसभा में साल 1977 में बीजेपी प्रत्याशी उदय सिंह पंड्या और कांग्रेस प्रत्याशी सदाशिव काशीराम के बीच जीत हार का अंतर 13,758 रहा था। जबकि साल 2003 में बीजेपी प्रत्याशी शांतिलाल धबाई और कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह सिसोदिया के बीच जीत हार का अंतर 20,407 वोट था, जिसके बाद साल 2013 में बीजेपी प्रत्याशी मुकेश पंड्या और कांग्रेस प्रत्याशी महेश पटेल के बीच जीत हार का अंतर 13,135 था। लेकिन इसके अलावा साल 1977 से लेकर 2018 तक जितने भी चुनाव परिणाम आए, उसकी जीत हार का अंतर लगभग 8000 वोटों के बीच ही रहा।
बड़नगर विधानसभा को लेकर प्रशासन के आंकड़ों की ओर नजर दौड़ाई जाए तो यहां के कुल मतदाताओं की संख्या 1 लाख 98 हजार 425 है। इसमें पुरुषों की संख्या 1 लाख 01 हजार 168 और महिलाओं की संख्या 97 हजार 251 और थर्ड जेंडर की संख्या छह है। जातिगत समीकरणों की बात की जाए तो बड़नगर विधानसभा को ब्राह्मण और राजपूत समाज का बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है। चुनाव में इनकी भूमिका हमेशा ही यहां निर्णायक रहती है।
साल 2018 में नौ तो 2013 में कुल आठ प्रत्याशी थे चुनावी मैदान में
साल 2018 में कुल नौ प्रत्याशी विधानसभा चुनाव में चुनावी मैदान में उतरे थे, जिसमें कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी मुरली मोरवाल को 76,802 मत प्राप्त हुए थे। जबकि भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संजय शर्मा को 71,421 मत प्राप्त हुए थे। इस चुनाव में कुल 49% मतदान हुआ था, जिसमें कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी मुरली मोरवाल 5,381 वोटों से जीते थे। जबकि साल 2013 के विधानसभा चुनाव के परिणामों की बात की जाए तो इस चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी मुकेश पंड्या को 58 हजार 679 वोट प्राप्त हुए थे। जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी महेश पटेल को 45 हजार 544 वोट मिले थे। इस चुनाव मे भाजपा प्रत्याशी मुकेश पंड्या को 13 हजार 135 वोट से जीत हासिल हुई थी।
यह है बड़नगर विधानसभा की पहचान
बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में वैसे तो अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र जुड़े हुए हैं, लेकिन इस विधानसभा की पहचान जय स्तंभ चौक में स्थित किले के साथ ही बरगाड़ी रोड पर स्थित भगवती माता के अतिप्राचीन मंदिर से होती है। विधानसभा में तेजाजी चौक स्थित त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर और पंढरीनाथ कुंड भी अतिप्राचीन है। जबकि नयापुरा रोड स्थित बुद्धेश्वर महादेव मंदिर को इस विधानसभा क्षेत्र की पहचान के रूप में जाना जाता है।
46 साल में अब तक रहे यह विधायक
साल 1977 में उदय सिंह पांडे जनता पार्टी, साल 1980 में उदय सिंह पांडे भारतीय जनता पार्टी, साल 1985 में अभय सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, साल 1990 मे उदय सिंह पांडे भारतीय जनता पार्टी, साल 1993 में सुरेंद्र सिंह सिसोदिया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, साल 1998 मे वीरेंद्र सिंह सिसोदिया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, साल 2003 में शांतिलाल धबाई भारतीय जनता पार्टी, साल 2008 मे शांतिलाल धबाई भारतीय जनता पार्टी, साल 2013 में मुकेश पंड्या भारतीय जनता पार्टी और साल 2018 में मुरली मोरवाल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस विधायक बने।
रिपोर्ट: उज्जैन से निलेश नागर