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Baba Umakant Maharaj: जानवरों को मारने और काटने से धरती हो रही दूषित, उमाकांत महाराज का बयान

Thu, 04 Jan 2024 05:19 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

'अभी तो मिट्टी में थोड़े तत्व मौजूद हैं तो ज्यादा लागत लगा रहे हो और आमदनी बढ़ाने में लगे हुए हो। जब तत्व खत्म से हो जाएंगे, तब अन्न कहां से आएगा सोचिए।'
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उमाकांत महाराज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उज्जैन वाले जय गुरुदेव बाबा उमाकांत महाराज ने पिंगलेश्वर उज्जैन आश्रम पर आयोजित कार्यक्रम में बताया कि मैं भविष्यवाणी नहीं कर रहा, मैं आगाह कर रहा हूं। प्रकृति के नियम को खराब कर रहे हैं। धरती को गंदा करके हवा को दूषित कर रहे हैं। आगे हवा जहरीली हो जाएगी। लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाएगा।

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गुरुदेव ने कहा, अगर यही हाल रहा, जानवर ऐसे ही मारे काटे जाएंगे तो धरती की उपजाऊ शक्ति भी खत्म हो जाएगी। फिर कितना भी खाद डालो तो भी पैदावार लागत के हिसाब से नहीं हो पाएगी। अभी तो मिट्टी में थोड़ा तत्व मौजूद है तो ज्यादा लागत लगा रहे हो और आमदनी बढ़ाने में लगे हुए हो। जब तत्व खत्म से हो जाएंगे, तब अन्न कहां से आएगा सोचो।

बाबा ने देशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि आज सभी देशवासियों को यह बात याद रखने की जरूरत है कि सब लोग मानव धर्म का पालन करके, लोगों के अंदर मानवता लाकर के देश को विकसित करेंगे। लोगों को देश प्रेम सिखाएंगे और देश की शक्ति को हर तरह से बढ़ाएंगे। अगर आध्यात्मिक शक्ति देश की बढ़ जाए, लोग अध्यात्मिक हो जाएं तो अध्यात्म के आगे सभी चीज बौनी पड़ जाती हैं, तो क्यों न आध्यात्मिक बन जाया जाए। आध्यात्मिक बना दिया जाए। ताकी एकै साधे सब सधे, सब साधे सब जाए।
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एक प्रभु को प्राप्त कर लिया जाए, जो सबका सृजनगार है, सबको देता है, दूसरे देश से, दूसरे लोगों से मांगने की बजाय उस प्रभु से ही दिला दिया जाए तो कहते हैं कि जब वह देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है और जब लेता है तो झाड़ू से बुहार कर लेता है, यह कहावत चरितार्थ किया जाए। उसी से क्यों न दिल दिया जाए। तो लोगों को ईश्वरवादी मानववादी बनाओ और आप जिनको नामदान मिल गया है, आप सुमिरन ध्यान भजन बराबर करते रहो।

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