इंदौर रोड स्थित तपोभूमि में भगवान महावीर स्वामी के महामस्तकाभिषेक में जैन धर्म ध्वज के पांच रंगों से अभिषेक हुआ। वहां मौजूद लोगों ने भगवान महावीर स्वामी और भारत माता के जयकारे लगाए। महामस्तकाभिषेक में देश भर से अनुयायी पहुंचे।
संस्थापक मुनि तपोभूमि प्रणेता आचार्य प्रज्ञासागर ने 2024 में पहली बार महामस्तकाभिषेक में तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के वर्ष के रूप में बताते हुए धर्म और राष्ट्र की आराधना का संदेश दिया था। साथ ही कहा कि वर्ष का प्रथम दिन भगवान के चरणों में बिताने से अच्छा सौभाग्य और कोई नहीं है। तपोभूमि पर पहली बार आठ संतों के सानिध्य में यह संपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुआ। सुबह ही भगवान का एक भव्य चक्र बनाया गया, जिसमें अलग-अलग परिवार को बैठक आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज ने सभी को भगवान के गुण को बताते हुए आशीर्वाद दिया, जो अद्भुत था। इसे देखने के लिए हजारों लोग मौजूद रहे।
मीडिया प्रभारी सचिन कासलीवाल ने बताया कि महामस्तकाभिषेक प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम, आचार्य श्री संघ का आहार, आचार्य श्री के प्रवचन आदि हुआ। तत्पश्चात 1008 कलशों से भगवान की अभिषेक, शांति धारा किया गया। 124 लीटर नारियल पानी से अभिषेक भगवान महावीर के महामस्तकाभिषेक पूजा के दौरान 1008 लीटर पानी, 124 लीटर नारियल पानी, 224 लीटर दूध, 124 लीटर गन्ना रस, 124 लीटर अनार सर, 24 किलो दही, 124 लीटर चंदन, 124 लीटर अष्टगंध, 124 लीटर हल्दी चूर्ण, 124 लीटर चावल चूर्ण, 124 ग्राम केसर, 124 किलो फूल, 124 लीटर अंगूर, 124 लीटर जामुन, 124 लीटर संतरे और 124 लीटर घी चढ़ाए गए।