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उज्जैन न्यूज: महाकाल मंदिर में आस्था और तकनीक का संगम, अब 3D में कर सकेंगे भस्म आरती के दिव्य दर्शन

Sat, 12 Sep 2026 06:01 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए 3D भस्म आरती दर्शन सुविधा शुरू की गई है। मानसरोवर परिसर में सुबह 4:30 से 6:30 बजे तक निशुल्क VR चश्मों से श्रद्धालु भस्म आरती का सजीव अनुभव ले रहे हैं।
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अब 3D तकनीक से लाइव दिखी बाबा महाकाल की अलौकिक भस्म आरती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से शुरू की गई नई 3D भस्म आरती दर्शन सुविधा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह सुविधा उन भक्तों के लिए खास है, जिन्हें सीमित अनुमति के कारण मुख्य गर्भगृह या नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती देखने का अवसर नहीं मिल पाता।

महाकाल मंदिर के मानसरोवर परिसर स्थित दुर्लभ दर्शन केंद्र में यह विशेष 3D सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। सुबह 4:30 बजे से 6:30 बजे तक श्रद्धालु 3D चश्मे (VR Glasses) के माध्यम से भस्म आरती के सजीव और अलौकिक दर्शन कर रहे हैं।

3D तकनीक को इस तरह तैयार किया गया है कि श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव होता है, मानो वे स्वयं गर्भगृह के सामने बैठकर भस्म आरती देख रहे हों। चिता भस्म अर्पित करने की प्रक्रिया, डमरू की गूंज, मंजीरों की झंकार और बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार त्रिआयामी रूप में बेहद सजीव नजर आता है।

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मंदिर प्रबंध समिति की यह पहल आस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे उन श्रद्धालुओं को भी भस्म आरती के दर्शन का अनुभव मिल रहा है, जो अनुमति नहीं मिलने के कारण मुख्य परिसर में आरती में शामिल नहीं हो पाते।

श्रद्धालुओं के अविस्मरणीय अनुभव, आंखों में आए आंसू
3D भस्म आरती का अनुभव करने वाले श्रद्धालुओं के चेहरे पर आध्यात्मिक संतोष और खुशी साफ दिखाई दे रही है। इंदौर से आए श्रद्धालु रमेश शर्मा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, "जब मैंने 3D ग्लास पहने तो मुझे लगा ही नहीं कि मैं किसी हॉल में बैठा हूं। ऐसा महसूस हुआ जैसे बाबा महाकाल की आरती की भस्म मेरे ठीक सामने उड़ रही है और मैं सीधे गर्भगृह में ही बैठा हूं। यह अनुभव शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।"

दिल्ली से आई श्रद्धालु रीना वर्मा ने भावुक होकर बताया कि कई बार कोशिश करने के बावजूद भस्म आरती की परमिशन नहीं मिल सकी थी। इससे मन थोड़ा उदास था, लेकिन मानसरोवर में 3D आरती देखने के बाद लगा कि बाबा ने बुला ही लिया। उन्होंने कहा, "जब पुजारी जी ने भस्म चढ़ाई तो पलकें झपकाना भी भूल गए। तकनीक के इस उपयोग के लिए मंदिर समिति का कोटि-कोटि धन्यवाद।"

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