महाकाल तक पैदल पहुंचेंगी ये युवतियां
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आपने, हमने और सबने कई बार सुना और देखा है कि 1000 से लेकर 2000 किलोमीटर तक भगवान के मंदिरों में दर्शन करने के लिए भक्त पैदल या साइकिल पर निकल जाते हैं। लेकिन अधिकतर यह भक्ति पुरुषों और युवाओं में देखी गई हैं। लेकिन दो युवतियां महाकाल की भक्ति में ऐसी लीन हुईं और महाकाल से मिलने के लिए दोनों युवतियों ने मन में ठाना और काशी विश्वनाथ से उज्जैन महाकाल दर्शन करने के लिए दोनों पैदल ही निकल गईं।
बता दें कि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बनारस जिले में रहने वाली यह दोनों युवतियां आपस में मित्र हैं और दोनों ग्रेजुएट हैं। इनमें से एक युवती ज्योति यादव यूपीएससी की तैयारी भी कर रही है। दोनों ने 12 दिन पहले काशी विश्वनाथ के दर्शन किए और वहां से उज्जैन महाकाल के लिए पैदल रवाना हो गईं। दोनों युवतियां अभी मध्यप्रदेश के रीवा तक पहुंची हैं और आठ दिन के अंदर पैदल ही उज्जैन तक पहुंच जाएंगी। दोनों युवती सिर्फ कंधे पर एक-एक छोटा बैग और हाथ में लाठी लेकर अपना सफर तय कर रही हैं।
दोनों युवतियां निडर होकर रात में भी सड़कों पर सफर करती हैं। युवतियों से पूछा गया कि रात में सफर करने में डर नहीं लग रहा है तो दोनों ने अमर उजाला को बताया कि महाकाल की भक्ति ही उन्हें शक्ति दे रही है और उन्हें किसी बात का डर नहीं आगे चलते जा रहे हैं। रास्ते में हर तरह की व्यवस्थाएं हो रही हैं। लोग भी उनकी काफी मदद कर रहे हैं, दोनों युवतियों के परिवार के लोगों ने भी पैदल दर्शन के लिए दोनों का सहयोग किया है।
दोनों युवतियां कहती हैं कि बाबा महाकाल ने अभी तक का सफर सुरक्षित रखा है तो वह आगे भी रक्षा करेंगे और हमें दर्शन अवश्य होंगे। दोनों का कहना है कि सनातन धर्म में बहुत ताकत है। इसकी राह पर निकल पढ़ो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। महाकाल दर्शन के लिए पैदल निकली यह दोनों युवतियां आठ दिनों तक सफर तय कर उज्जैन की सरहद में पहुंचेगी।