बाबा महाकाल के दर्शन कर नववर्ष की शुरुआत करने की कामना को लेकर धार्मिक नगरी उज्जैन में लाखों श्रद्धालु आए हैं। जिन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया, लेकिन बाबा महाकाल के दरबार में कुछ ऐसे श्रद्धालु भी पहुंचे, जिनके कष्टों को बाबा महाकाल ने समाप्त कर दिया है, साथ ही उनकी झोली खुशियों से भर डाली है।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाराष्ट्र जलगांव से आए विवेक पुण्डरीक जोशी उनकी पत्नी गायत्री, बेटी मानवी व बेटे पुष्कर ने 1 नग रजत मुकुट, 1 चंद्रमा व 2 नग नागकुंडल जोकि लगभग ढाई किलो के बने हुए हैं। बाबा महाकाल को अर्पित किए। बाबा महाकाल को यह भेंट अर्पित करने के दौरान गायत्री जोशी की आंखों से आसू बह रहे थे। गायत्री जोशी ने बताया कि 1 वर्ष पहले जब हम बाबा महाकाल के दरबार में परिवार के साथ दर्शन करने आए थे, तब हमने 450 किलोमीटर का यह सफर मोटरसाइकिल पर तय किया था।
उन्होंने बताया कि उस समय हमारी स्थिति इतनी खराब थी कि पति विवेक ऑटो रिक्शा चलाने का काम करते थे।, लेकिन बाबा महाकाल की एक वर्ष में हम पर कुछ ऐसी कृपा हुई की बाबा ने हमें छप्पर फाड़कर दे दिया। बाबा महाकाल की कृपा से आज मैं और मेरे पति खुद का बिजनेस करते हैं और महाराष्ट्र के हॉस्पिटलों में ऑडिट करने पहुंचते हैं। इसे बाबा महाकाल का आशीर्वाद ही कहा जाएगा की एक वर्ष पहले हम मोटरसाइकिल पर बाबा महाकाल के दर्शन करने आए थे, लेकिन आज हमारे पास न सिर्फ फोर व्हीलर है, बल्कि अब हम साधन संपन्न हो चुके हैं। बाबा महाकाल की ऐसी कृपा होने पर हमने आज यहां आकर बाबा महाकाल को धन्यवाद दिया और उन्हें चांदी का मुकुट व अन्य सामग्री अर्पित की है।
सिर्फ बाबा महाकाल पर था भरोसा
ग्वालियर से अपने परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने आए रोहित पांचाल ने बताया कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद वैसे तो सभी पर रहता है, लेकिन मुझ पर बाबा महाकाल की विशेष कृपा है, क्योंकि जब मेरा बेटा कैंसर पेशेंट था और मुझे यह भी पता नहीं था कि यह बचेगा या नहीं। तब मैने बाबा महाकाल से यह कामना की थी कि मुझे बस आपका ही भरोसा है। मेरे बेटे के प्राणों की रक्षा बस आप ही करेंगे। इसी विश्वास पर मैं पिछले 1 साल से बाबा महाकाल की भक्ति कर रहा हूं। बेटे का इस 1 साल में किमो, ट्रांसप्लांट हो चुका है, लेकिन यह बाबा महाकाल का ही आशीर्वाद और चमत्कार है कि मेरा बेटा आज भी जिंदा है। बाबा महाकाल की सेवा करने से ही अब बेटा स्वस्थ हो रहा है।