महाकाल की नगरी उज्जैन इन दिनों ब्याह के घर की तरह सजी हुई है। महाकाल मंदिर में शिव-पार्वती विवाह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। तड़के सुबह 2.30 बजे महाकाल मंदिर के पट खुलने से भक्तों का इंतजार खत्म हो गया और उन्होंने त्रिलोकीनाथ भगवान महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।
किसे, कहां से मिलेगा प्रवेश
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10 लाख भक्तों के आने का अनुमान
महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शनों के लिए 10 लाख भक्तों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्थाएं की हैं। 15 एवं 16 फरवरी के लिए आम दर्शनार्थियों को लगभग 40 मिनट में और शीघ्र दर्शन के लिए 250 रुपये का टिकट लेकर दर्शन करने वालों को 25 मिनट में दर्शन करवाने की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने बताया कि महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है।
व्यवस्थाओं में सामान्य दर्शन, शीघ्र दर्शन, पासधारी, भस्म आरती दर्शन, लड्डू प्रसाद, पूछताछ केन्द्र, पार्किंग, जूता स्टैंड, पेयजल, लाइट, बुजुर्ग, दिव्यांग दर्शनार्थियों के लिए व्हील चेयर और सभी की सुरक्षा और सभी के लिए मूलभूत सुविधाओं के लिए विशेष ध्यान दिया गया है।
पार्किंग व्यवस्था
ये सुविधाएं रहेंगी नि:शुल्क
गूगल बताएगा सही मार्ग
महाशिवरात्रि पर देशभर से आने वाले अनुमानित भक्तों के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था का खासा ध्यान रखा गया है। डीएसपी दिलीप सिंह परिहार के अनुसार, दर्शनार्थी जाम में ना फंसे इसके लिए यातायात पुलिस और तकनीकी टीम मिलकर गूगल मैप को नियंत्रित करेगी। जिस रास्ते पर जाम लगा होगा या पार्किंग फुल होगी, उसे गूगल मैप दिखाएगा ही नहीं, इससे कहीं भी भीड़ इकट्ठी होने की संभावना नहीं होगी।
44 घंटे लगातार दर्शन
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर दिन-भर जल अर्पित होगा और भगवान महाकाल निराकार स्वरूप में दर्शन देंगे। खास बात यह भी है भगवान महाशिवरात्रि पर 44 घंटे तक लगातार दर्शन देंगे। यानी 15 फरवरी से शुरू होने वाला दर्शन का क्रम 16 फरवरी की रात तक लगातार जारी रहेगा।
16 फरवरी की सुबह होने वाली भस्म आरती इस दिन दोपहर में की जाएगी, जो कि साल में एक ही दिन होती है, जिसके दर्शनों के लिए भक्तों में बड़ा उत्साह रहता है। महाशिवरात्रि के अगले दिन अलसुबह बाबा महाकाल दूल्हा स्वरूप में दर्शन देते हैं।