सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए बनाई जा रही 80 फीट चौड़ी नई सड़क का विवाद अब आसाराम बापू के आश्रम तक पहुंच गया है। आगर रोड को सांदीपनि आश्रम होते हुए भैरूगढ़ रोड से जोड़ने के लिए UDA ने जो परियोजना रोड क्रमांक-34 (ग्राम भीतरी) तैयार की है, उसमें मंगलनाथ रोड स्थित आसाराम आश्रम की जमीन भी आ रही है।
प्रशासन ने आश्रम की कुल 0.1780 हेक्टेयर में से 0.0240 हेक्टेयर जमीन मांगी है। इस जमीन पर आश्रम का मुख्य गेट, बापू की कुटिया, मनोकामना सिद्ध वटवृक्ष और मंदिर स्थित है। प्रशासन ने जमीन पर निशान भी लगा दिए हैं। प्रशासन द्वारा जमीन मांगे जाने के विरोध में आश्रम प्रबंधन ने मोर्चा खोल दिया है। आश्रम के स्थानीय संचालक शिवाय सोनटक्के ने बताया कि प्रशासन का पत्र मिला था, जिसे हमने अस्वीकार कर दिया है। इसी विरोध के तहत आश्रम की ओर से बड़ा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। संस्कृति व सभ्यता अभियान से जुड़े बच्चों और 500 से अधिक अनुयायियों के हस्ताक्षर कराकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। संचालक ने कहा - यह जमीन संत श्री आसाराम गुरुकुल श्री चैतन्य सेवा समिति के नाम पर है और धार्मिक स्थल है। यहां रोज जप-अनुष्ठान होते हैं। हम जमीन नहीं देंगे, जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे। हमारे पास रजिस्ट्री, पावती सहित सभी दस्तावेज हैं।
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5.76 लाख का मुआवजा भी ठुकराया
प्रशासन ने 17 जुलाई को पत्र भेजकर जमीन के बदले 5 लाख 76 हजार रुपये मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा था, जिसे आश्रम समिति ने अव्यावहारिक बताते हुए ठुकरा दिया है।
बता दें कि
UDA की योजना फाइनल हो चुकी है। प्रशासन ने इस जमीन को आगामी अनिवार्यता श्रेणी में लेकर अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्व अमला सक्रिय है। दरअसल, इस रोड के बनने से आगर रोड से सांदीपनि और मंगलनाथ जाने के लिए भर्तृहरि नाका-खाकचौक का लंबा चक्कर खत्म हो जाएगा और श्रद्धालु सीधे आश्रम पहुंच सकेंगे।
आसाराम बापू का आश्रम