श्रावण मास मे 30 हज़ार भक्तो ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति 2004 से निशुल्क अन्नक्षेत्र का संचालन कर रही है। मंदिर प्रबंध समिति ने महाकाल के दर्शन हेतु आने वाले भक्तों के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की है। मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक मृणाल मीना का कहना है कि श्रावण माह के प्रथम सोमवार को फलाहार वितरण किया गया। लगभग पांच कुंटल साबुदाने की खिचड़ी, आमटी, चिप्स आदि बनाए गए। पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने फलाहार ग्रहण किया। 22 से 26 जुलाई तक लगभग 30 हजार भक्तों ने अन्नक्षेत्र में भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
श्रावण माह में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन कर श्री महाकालेश्वर निशुल्क अन्नक्षेत्र में भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं। इस हेतु मंदिर के निर्गम द्वार वाले प्रांगण में अन्नक्षेत्र के भोजन हेतु कूपन वितरण का काउंटर स्थापित है। यहां से कूपन प्राप्त कर श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय के समीप स्थित अन्नक्षेत्र में भोजन प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर की सभी व्यवस्थाएं दान के माध्यम से ही संचालित होती हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित निशुल्क अन्नक्षेत्र में दानदाता अपने परिजनों के जन्मदिवस, पुण्यतिथि, विवाह वर्षगांठ आदि अवसरों पर एक समय के भोजन प्रसाद हेतु 25 हजार रुपये की राशि देकर भोजन करवा सकते हैं, तथा एक पूरे दिन के भोजन प्रसादी हेतु 51 हजार की राशि मंदिर कोष में जमा कर भोजन प्रसादी की व्यवस्था करवा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, मंदिर द्वारा संचालित गौशाला, चिकित्सा, और श्री महाकालेश्वर वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान आदि में भी श्रद्धानुसार दान किया जा सकता है। समय-समय पर मंदिर के अधिकारी, पुजारी, पुरोहितों, मंदिर प्रबंध समिति सदस्यों और कर्मचारियों के माध्यम से भी भक्तों को मंदिर में दान करने हेतु प्रेरित किया जाता है।
श्रावण मास में 30 हजार भक्तों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।