विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में इन दिनों एक बड़ा बदलाव किया गया है। जहां पर 20 वर्षों बाद मंदिर के गर्भगृह में नया चांदी का द्वार लगाया गया है। चांदी के इस द्वार को विधि विधान से पूजन अर्चन कर लगाया गया है।
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महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि लगभग 20 वर्षों के बाद गर्भगृह के द्वार को बदला गया है। इस द्वार का निर्माण जयपुर के कुशल कारीगरों द्वारा किया गया है। गर्भगृह का आंतरिक और बाहरी परिसर पत्थर का बना हुआ है। इसके कारण नए दरवाजे की माप के आधार पर तैयारी किया गया है। पुजारी भूषण व्यास ने बताया कि बाबा महाकाल के गर्भगृह के द्वार को कोलकाता की निवासी भक्त निभा प्रकाश ने बनवाया है। उन्होंने लकड़ी पर चांदी की मढ़ाई कराकर इसे बनवाया है। जिसे सभा मंडप पूजन अर्चन के बाद विधि-विधान से पूजन अर्चन के बाद गर्भगृह के बाहर स्थापित किया गया। चांदी के आज के बाजार भाव के हिसाब से बात करें दो द्वार बनाने की अनुमानित कीमत 50 लाख से अधिक बताई जा रही है।
द्वार में उकेरी गई हैं ये आकृतियां
मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि द्वार के शीर्ष पर दो नंदी की आकृतियां हैं। इसके साथ ही उनके नीचे ॐ, त्रिशूल और सबसे निचले हिस्से में कलश की आकृति उकेरी गई है।
चांदी द्वार का पूजन किया गया।
चांदी द्वार लगाया