विक्रम विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने संभाग स्तरीय विक्रम विश्वविद्यालय का घेराव गुरुवार को किया। 16 मांगों को लेकर संभाग भर से पहुंचे 5000 विद्यार्थी विक्रम विश्वविद्यालय का घेराव करने पहुंचे।
प्रांत सहमंत्री ऋतिक नागर और उज्जैन महानगर मंत्री गौरव बैंडवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय घेराव के लिए संभाग के रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर मालवा, उज्जैन ग्रामीण, देवास, शाजापुर और उज्जैन महानगर के विद्यार्थी परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए। सुबह दशहरा मैदान पर जिलों से आने वाले छात्र एकत्रित हुए। यहां से सीधे विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचे। यहां परिषद के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इसके बाद कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया। घेराव के दौरान करीब पांच हजार से अधिक छात्र उपस्थित रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
प्रांत मंत्री कु. राधिका सिंह सिकरवार ने बताया कि विक्रम विश्वविद्यालय में प्रवेश, परीक्षा और परिणाम में सुधार को लेकर, विद्यार्थियों के परिणामों में निरंतर आती एटीकेटी को लेकर, NEP के उचित क्रियान्वयन, एकेडमिक कैलेंडर के उचित पालन, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, विश्वविद्यालय में अपर्याप्त संसाधन व कर्मचारियों की कमी, विश्वविद्यालय में ठप पड़े शोध कार्य, परीक्षा फॉर्म लिंक समय पर खोलने को लेकर, पीएचडी घोटाले, नोडल सेंटर के उचित क्रियान्वयन, अत्यधिक ATKT फीस वसूलने को लेकर, प्रवेश पत्र में विषयों की गड़बड़ी को लेकर, स्पोर्ट्स के विद्यार्थियों को उचित संसाधन उपलब्ध कराने को लेकर, पूर्ण समय के कुलसचिव की नियुक्ति को लेकर, डिग्री सर्टिफिकेट का शुल्क समाप्त करने को लेकर, स्टूडेंट वेलफेयर फंड का उपयोग छात्रहितों में करने को लेकर विक्रम विश्वविद्यालय का घेराव किया गया था।
परीक्षा स्थगित
विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय घेराव कार्यक्रम को देखते हुए कुलसचिव डॉ. प्रशांत पौराणिक ने आज विक्रम विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में आयोजित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दीं। हालांकि परीक्षाएं स्थगित करने के पीछे अपरिहार्य कारण बताया गया है। आज स्थगित परीक्षा के लिए अलग से समय सारणी जारी की गई थी। परीक्षाओं के एक दिन स्थगित करने को लेकर विश्वविद्यालय में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।